Ramgarh News: रामगढ़ जिले में जेल सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. शनिवार देर रात रामगढ़ उपकारा में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक पहुंचकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया. कई घंटे तक चली इस जांच के दौरान जेल की बैरकों, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील हिस्सों की बारीकी से पड़ताल की गई. राहत की बात यह रही कि तलाशी के दौरान कोई भी प्रतिबंधित या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई.
सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी गई
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह अभियान जिला प्रशासन के निर्देश पर चलाया गया था. अधिकारियों का मकसद जेल के भीतर सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और संभावित खामियों की पहचान करना था. इसी उद्देश्य से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित कर देर रात उपकारा में जांच कराई गई.
बैरकों से लेकर चौकियों तक हुई पड़ताल
तलाशी अभियान का नेतृत्व रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन और पतरातू एसडीपीओ राघवेंद्र शर्मा ने किया. जांच के दौरान जेल की विभिन्न बैरकों, निगरानी बिंदुओं, प्रवेश-निकास मार्गों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया गया. अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि जेल परिसर में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित न हो रही हो और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो.
जांच में सब कुछ सामान्य मिला
सघन तलाशी के बावजूद जेल परिसर से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई. निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया. साथ ही जेल प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों को चौकसी बनाए रखने तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए.
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे शामिल
रात में चले इस विशेष अभियान में मुख्यालय डीएसपी अकरम रजा, रामगढ़ अंचल अधिकारी रमेश रविदास, दुलमी अंचल अधिकारी किशोरी यादव, चितरपुर अंचल अधिकारी दीपक मिंज और रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे समेत पुलिस एवं प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे.
नियमित निगरानी पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन का कहना है कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाते हैं. ऐसे अभियानों का उद्देश्य जेल परिसर में अनुशासन बनाए रखना, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना और किसी भी तरह की अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है.