Jharkhand News: झारखंड सरकार राज्य के पद्म पुरस्कार से सम्मानित विशिष्ट नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आगामी बजट में पद्म पुरस्कार विजेताओं के लिए सम्मान राशि का प्रावधान किया जाएगा, जबकि खेल जगत से जुड़े खिलाड़ियों को पेंशन देने की योजना भी शामिल होगी. इसका उद्देश्य उन विभूतियों को आर्थिक संबल देना है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की पहचान को गौरवान्वित किया है.
बजट में विशेष प्रावधान के निर्देश
पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने विभाग को मानव संसाधन को प्राथमिकता देते हुए इस संबंध में बजटीय उपबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. सरकार का मानना है कि जिन लोगों ने कला, खेल और समाज सेवा के माध्यम से राज्य का मान बढ़ाया है, उन्हें सम्मान के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिलनी चाहिए.
राज्य के प्रमुख पद्म पुरस्कार विजेता
झारखंड के जिन विशिष्ट नागरिकों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य को पहचान दिलाई है, उनमें दिशोम गुरु शिबू सोरेन, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, ओलंपियन तीरंदाज दीपिका कुमारी, विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल और आदिवासी संस्कृति के प्रख्यात विद्वान रामदयाल मुंडा प्रमुख हैं. इनके अलावा छऊ नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार शशधर आचार्य, समाजसेवी छुटनी महतो, जमुना टुडू तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साइमन उरांव भी राज्य की पहचान हैं.
कलाकारों और समाजसेवियों को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार का मानना है कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह कलाकारों, समाजसेवियों और खिलाड़ियों के मनोबल को भी मजबूती देगी. इससे आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि समाज और राष्ट्र के लिए किए गए कार्यों का उचित सम्मान किया जाता है.
पर्यटन विकास पर भी रहेगा फोकस
बजट 2026-27 में पर्यटन क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. इको-टूरिज्म की तर्ज पर पर्यटकीय सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. दलमा, पलामू बाघ अभयारण्य और नेतरहाट जैसे प्रमुख स्थलों पर प्रकृति के अनुरूप ढांचागत सुविधाओं का विकास होगा. प्राकृतिक झरनों के आसपास भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी. पर्यटकों के लिए बैम्बू हाउस जैसी संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत दलमा क्षेत्र में पहले ही हो चुकी है.
पद्म पुरस्कार विजेताओं और खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की यह पहल राज्य में सम्मान और संवेदनशील शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे न केवल विशिष्ट व्यक्तित्वों का आत्मसम्मान सुदृढ़ होगा, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाएगा कि योगदान देने वालों को राज्य कभी नहीं भूलता. साथ ही पर्यटन विकास पर जोर झारखंड की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखता है.