Dumaria: पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना एक अनूठी पहल कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत खैरबनी पंचायत के दामदी गांव में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान से शंख नदी पर कच्चा चेक डैम का निर्माण किया है।
गर्मी में गहराता था जल संकट
पिछले कई वर्षों से दामदी गांव में गर्मी के दिनों में जलस्तर काफी नीचे चला जाता था। इसका सीधा असर खेती और पशुपालन पर पड़ रहा था। सिंचाई के अभाव में फसलें सूखने लगी थीं, वहीं पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी चुनौती बन गई थी।
बैठक कर लिया श्रमदान का निर्णय
जल संकट से निपटने के लिए गांव के लोगों ने बैठक कर श्रमदान से चेक डैम बनाने का फैसला लिया। इस कार्य में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बिना किसी सरकारी सहयोग के ग्रामीणों ने मिलकर नदी पर कच्चा चेक डैम तैयार किया।
किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
चेक डैम बनने से स्थानीय किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी। साथ ही ग्रामीणों को नहाने-धोने के लिए भी पानी उपलब्ध होगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इससे आने वाले समय में भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
हर साल श्रमदान से होता है निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि वे प्रतिवर्ष श्रमदान के माध्यम से इस कच्चे चेक डैम का निर्माण करते हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे नाराज होकर ग्रामीणों ने खुद ही पानी की व्यवस्था करने का बीड़ा उठाया।
जल संरक्षण के प्रति बढ़ी जागरूकता
ग्रामीणों की इस एकजुट पहल से गांव में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ी है। दामदी गांव के लोग अब दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं कि सामूहिक प्रयास और इच्छाशक्ति से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है।