Jamshedpur News : टेल्को शिक्षा प्रसार केंद्र विवाद मामले में अदालत ने भाजपा नेता अंकित आनंद और आजसू नेता अभय नारायण तिवारी उर्फ अप्पू तिवारी को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है।जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय स्थित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बिस्वनाथ ओराओं की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में “पूर्णतः असफल” रहा।
परिवादिनी ने कोर्ट में बदला बयान
मामला 4 फरवरी 2019 का था। परिवादिनी रूथ पार्किंस ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि शिक्षा प्रसार केंद्र कार्यालय में अंकित आनंद, अप्पू तिवारी और अन्य लोगों ने प्रवेश कर अभद्र व्यवहार किया, धमकी दी और कार्यालय से बाहर निकलने को कहा।
मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के तीनों गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए।
प्रतिपरीक्षा के दौरान रूथ पार्किंस ने अदालत में स्वीकार किया कि वह अभियुक्तों को पहले से नहीं जानती थीं और प्राथमिकी में उनके नाम कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर लिखे गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अभियुक्तों द्वारा उनके साथ कोई घटना नहीं की गई थी।
अदालत ने साक्ष्यों को माना कमजोर
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष विश्वसनीय और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके आधार पर दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
मामले में अंकित आनंद और अप्पू तिवारी की ओर से अधिवक्ता अमित तिवारी ने पक्ष रखा। फैसले के बाद दोनों नेताओं ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत के निर्णय से सत्य सामने आ गया है।