Jharkhand News: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा JTET-2026 की नियमावली में क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार के समक्ष अपनी मांग रखी है. इस संबंध में वित्त मंत्री सह JTET भाषा उच्च स्तरीय समिति के समन्वयक को ज्ञापन सौंपकर नियमों में बदलाव की मांग की गई.
अभ्यर्थियों ने पलामू प्रमंडल के लिए मगही और भोजपुरी, जबकि संथाल परगना के गोड्डा क्षेत्र के लिए अंगिका भाषा को क्षेत्रीय भाषा सूची में शामिल करने की मांग उठाई है.
ज्ञापन में कहा गया है कि पलामू प्रमंडल के अधिकांश लोगों की मातृभाषा मगही और भोजपुरी है. ऐसे में वहां नागपुरी भाषा को लागू करने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कई परीक्षार्थी इस भाषा से परिचित नहीं हैं.
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से JTET परीक्षा का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन अब भाषा संबंधी नियमों के कारण उम्मीदवारों के बीच असंतोष बढ़ रहा है. उनका मानना है कि क्षेत्रीय भाषा चयन का सीधा असर शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ेगा.
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि JTET की वर्ष 2013 और 2016 की परीक्षाओं में मगही, भोजपुरी और अंगिका भाषाओं को शामिल किया गया था. ऐसे में पुरानी व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग की गई है.
अभ्यर्थियों ने सरकार से आग्रह किया है कि JTET-2026 की नियमावली में संशोधन कर इन भाषाओं को शामिल किया जाए, ताकि संबंधित क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिल सके.