Jamshedpur: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जमशेदपुर महानगर के कार्यालय मंत्री प्रियांशु राज ने कहा कि इस वर्ष 10वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के इंटर (11वीं) में नामांकन को लेकर अभी से ठोस व्यवस्था करना बेहद जरूरी है। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
हर साल नामांकन के लिए भटकते हैं छात्र
प्रियांशु राज ने कहा कि पिछले 2-3 वर्षों से देखा जा रहा है कि 10वीं के परिणाम आने के बाद छात्र-छात्राएं विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों के चक्कर काटते रहते हैं। शहर के कई डिग्री कॉलेजों में 11वीं की पढ़ाई बंद होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
निजी संस्थानों में अधिक फीस से बढ़ रही परेशानी
उन्होंने बताया कि कई निजी शिक्षण संस्थानों में अधिक फीस वसूली की शिकायतें लगातार सामने आती हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
4 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा, सरकार से ठोस कदम की मांग
अभाविप ने बताया कि वर्ष 2026 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के तहत करीब 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने 10वीं की परीक्षा दी है। इतने बड़े आंकड़े को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
सभी वर्गों के लिए शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
अभाविप ने झारखंड सरकार से मांग की है कि 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए पर्याप्त और सुलभ शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्था की जाए, ताकि हर वर्ग के छात्र-छात्राएं बिना परेशानी के अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।