Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-04-02

Adityapur Garbage Dumping: आदित्यपुर में कचरे का “कैंसर”, रिहायशी इलाकों में डंपिंग से भूजल हुआ जहरीला, आक्रोशित जनता ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Adityapur Garbage Dumping: आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय और रिहायशी इलाके कल्पनापुरी के ठीक समीप धड़ल्ले से हो रही कचरा डंपिंग ने एक विकराल रूप ले लिया है. स्थानीय निवासियों के कड़े और लगातार विरोध के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई बदलाव न होना नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और नीयत पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है. शहर के बीचों-बीच खुले में फेंके जा रहे इस कचरे ने न सिर्फ इलाके की सुंदरता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए इसे अब “धीमा जहर” माना जा रहा है.

भूजल हुआ दूषित, मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड गैसों का खतरा
बरसात के मौसम में यह समस्या सिर्फ असहनीय दुर्गंध तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक साइलेंट किलर बन चुकी है. कचरे के विशाल पहाड़ों पर जब बारिश का पानी पड़ता है, तो उससे निकलने वाला अत्यधिक जहरीला केमिकल युक्त पानी रिसकर सीधे जमीन के अंदर जा रहा है. इसका परिणाम यह हुआ है कि आसपास के घरों में बोरिंग से निकलने वाला भूजल पूरी तरह दूषित और पीने के अयोग्य हो चुका है. इसके अलावा, सड़ते हुए कचरे से लगातार निकल रही मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी विषैली गैसें सांस और दमा के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं.

मच्छरों और बीमारियों का खौफ, डेंगू-मलेरिया का न्योता
सड़ते हुए कचरे और उसके आसपास जमा हुए गंदे पानी में बड़े पैमाने पर मच्छरों, मक्खियों और घातक बैक्टीरिया का साम्राज्य फैल गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, हैजा और टाइफाइड जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा हर पल बना रहता है. निगम प्रशासन की इस घोर लापरवाही के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घरों से बाहर निकलना तक दूभर हो गया है. हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य की दुहाई देने वाला नगर निगम खुद अपनी नाक के नीचे बीमारियों की फैक्ट्री चला रहा है.

सापड़ा जाने के बजाय डीजल और समय बचा रहे लापरवाह चालक
इस पूरे मामले में नगर निगम के अधिकारियों का तर्क है कि कचरा डंपिंग के लिए “सापड़ा” में एक जगह चिन्हित की गई है. लेकिन हकीकत यह है कि ठेकेदार और ट्रैक्टर चालक सापड़ा तक जाने की जहमत ही नहीं उठा रहे हैं. वे अपना समय और गाड़ी का कीमती ईंधन (डीजल) बचाने के चक्कर में शहर के बीच और रिहायशी इलाकों के पास ही चुपके से कचरा डंप कर रहे हैं. कल्पनापुरी के आक्रोशित वासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही इस डंपिंग यार्ड को यहां से शिफ्ट नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को बाध्य होंगे.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !