Emergency Advisory: मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बदल रहे हैं। इसी बीच, अब भारतीय सरकार ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 8 अप्रैल 2026 को सभी भारतीयों से कहा है कि वे जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से ईरान छोड़ दें। ये कदम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद सुरक्षित निकासी की सलाह
ये एडवायजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” में दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद आई है। दूतावास ने साफ कहा है कि नागरिक इस समय का इस्तेमाल सुरक्षित निकासी के लिए करें। जो लोग अभी भी ईरान में हैं, वे दूतावास से संपर्क करके ही बाहर निकलें और दूतावास द्वारा बताए गए रास्तों का ही इस्तेमाल करें।
बिना समन्वय के सीमा पार करना खतरे से खाली नहीं
कोई भी भारतीय बिना दूतावास की जानकारी के सीमा पार करने की कोशिश न करे। ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है और आपकी जान को खतरा हो सकता है। सुरक्षित वापसी के लिए दूतावास की बातों का पालन करना जरूरी है।
विदेश मंत्रालय का संदेश, शांति और सुरक्षित नौवहन की उम्मीद
विदेश मंत्रालय (MEA) ने युद्धविराम का स्वागत किया है और कहा है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति आने की उम्मीद है। भारत ने हमेशा तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही गई है। साथ ही, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते व्यापार और नौवहन के लिए सुरक्षित बने रहने की भी उम्मीद जताई है।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
संकट में फंसे नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
+989128109115, +989128109102, +989128109109, +989932179359
अब सुरक्षित निकासी सबसे जरूरी
गौरतलब है कि 7 अप्रैल की एडवायजरी में नागरिकों को 48 घंटे तक घर में रहने और सैन्य इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। अब हालात बदल गए हैं और सरकार की प्राथमिकता है कि सभी भारतीय सुरक्षित रूप से ईरान से भारत लाया जाए।