Current News : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर 23 विपक्षी दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को संयुक्त पत्र लिखकर चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने मांग की है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित न हों।
मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर जताई चिंता
पत्र में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के तहत अपनाई जा रही प्रक्रिया से बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की आशंका है। दलों का कहना है कि दस्तावेजों की अनिवार्यता और प्रक्रिया में कथित खामियों के कारण कई पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की न्यायिक समीक्षा कराने का आग्रह किया है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
23 विपक्षी दलों ने अपने पत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया का पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान सभी संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
विपक्षी दलों का कहना है कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगामी चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।