Chaibasa: चाईबासा सदर अस्पताल में इलाजरत सरायकेला जिले के धर्मडीहा गांव की रहने वाली 24 वर्षीय बैसाखी गोप की शनिवार को मौत हो गई। वह बीते 4 मई को घर में खाना बनाते समय आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थीं। परिजनों के अनुसार, बैसाखी रोज की तरह रसोई में चूल्हा जला रही थीं। इसी दौरान अचानक आग तेज भड़क उठी और देखते ही देखते उनके शरीर के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उनके हाथ, पेट और पैर गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई थी।
10 दिनों तक अस्पताल में चला इलाज
हादसे के तुरंत बाद परिजन उन्हें गंभीर हालत में सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया। करीब दस दिनों तक डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। शनिवार को अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
60 प्रतिशत से ज्यादा शरीर झुलसा था
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि बैसाखी का शरीर 60 प्रतिशत से अधिक जल चुका था। गंभीर रूप से झुलसने के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा था, जिससे उनकी हालत और बिगड़ती चली गई। तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
गांव में पसरा मातम, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
महिला की मौत की खबर मिलते ही धर्मडीहा गांव में शोक का माहौल छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि बैसाखी का एक छोटा बच्चा भी है, जिसकी जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।