Aaj Ka Panchang: आज शुक्रवार, 22 मई 2026 को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज वृद्धि योग सुबह 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगा, फिर ध्रुव योग शुरू होगा। तैतिल करण सुबह तक और उसके बाद गरज करण शाम 5 बजकर 4 मिनट तक प्रभावी रहेगा। शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है।
सूर्योदय, चंद्रोदय और शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 27 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 9 मिनट पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 11 बजकर 1 मिनट तक तथा चंद्रास्त 23 मई की रात 12 बजकर 32 मिनट पर होगा। शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल देर रात 12:34 बजे से 2:08 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय में रखें सावधानी
आज राहुकाल सुबह 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गुलिकाल सुबह 7:10 बजे से 8:52 बजे तक और यमगण्ड दोपहर 3:43 बजे से शाम 5:26 बजे तक प्रभावी रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 8:11 बजे से 9:06 बजे तक तथा दोपहर 12:45 बजे से 1:40 बजे तक रहेगा। वर्ज्यम काल दोपहर 3:15 बजे से शाम 4:48 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव: बुद्धि, रहस्य और प्रभावशाली व्यक्तित्व
आज देर रात 2 बजकर 8 मिनट तक अश्लेषा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा। अश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि में स्थित माना जाता है और इसका स्वामी बुधदेव हैं, जबकि राशि स्वामी चंद्रदेव हैं। इस नक्षत्र के देवता नाग देवता माने जाते हैं और इसका प्रतीक कुंडली मारकर बैठा हुआ सर्प है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस नक्षत्र में जन्मे लोग तेज बुद्धि, मजबूत स्मरण शक्ति, प्रभावशाली वाणी, रहस्यमयी व्यक्तित्व और यात्रा प्रेमी स्वभाव के होते हैं।