Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। किस्टाराम थाना क्षेत्र के घने जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवानों ने 12 खूंखार नक्सलियों को ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ कई घंटों तक चली, जिसमें सुरक्षाबलों ने अपने साहस और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
मुठभेड़ समाप्त होने के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। इनमें AK-47, इंसास राइफल सहित अन्य अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं, जो नक्सलियों की बड़ी साजिशों की ओर इशारा करते हैं। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
यह बड़ी कार्रवाई कैसे संभव हुई जानें
इस मुठभेड़ में कोंटा एरिया कमेटी का सक्रिय और कुख्यात माओवादी मंगडू भी मारा गया है। खुफिया सूचना मिली थी कि मंगडू अपने दस्ते के साथ जंगलों में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही सुकमा एसपी किरण चव्हाण के नेतृत्व में डीआरजी की विशेष टीम को तुरंत ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।
खतरनाक माओवादी एसीएम हितेश का अंत
इसके अलावा, इस ऑपरेशन में एक और इनामी और खतरनाक माओवादी एसीएम हितेश का भी अंत हो गया। एसीएम हितेश 9 जून को कोंटा के पास हुए आईईडी ब्लास्ट का मुख्य साजिशकर्ता था। उसी हमले में तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए थे। सुरक्षाबलों के लिए यह कार्रवाई केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि अपने शहीद अधिकारी को सच्ची श्रद्धांजलि और उनकी शहादत का बदला भी थी।
यह ऑपरेशन एक महत्वपूर्ण कदम
इस सफल अभियान से यह साफ हो गया है कि सुरक्षाबल नक्सलवाद के खिलाफ पूरी ताकत और प्रतिबद्धता के साथ डटे हुए हैं। सुकमा और आसपास के इलाकों में शांति बहाल करने की दिशा में यह ऑपरेशन एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।