Jharkhand: झारखंड में सरकारी सहायता प्राप्त और वित्त रहित इंटर कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने वित्त रहित इंटर कॉलेजों में विज्ञान और कला संकाय की सीटों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। खास बात यह है कि विज्ञान की तुलना में कला संकाय में सीटों की संख्या अधिक बढ़ाई जाएगी। इस फैसले से आगामी शैक्षणिक सत्र में लगभग 50 हजार विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, शैक्षणिक सत्र 2025-27 के लिए राज्य के करीब 40 वित्त रहित इंटर कॉलेजों में तय सीमा से कहीं अधिक नामांकन कर लिया गया था। नियम के अनुसार प्रत्येक संकाय में अधिकतम 128 सीटों पर ही नामांकन होना चाहिए, लेकिन कई संस्थानों में इसकी संख्या चार से पांच गुना तक पहुंच गई।
कॉलेज प्रबंधन को यह उम्मीद थी कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) अतिरिक्त नामांकन को मंजूरी दे देगा, लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण हजारों छात्रों का रजिस्ट्रेशन अटका हुआ था। अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सीट बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद इन विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन का रास्ता साफ हो गया है।
18 दिसंबर से अटका था रजिस्ट्रेशन
बता दें कि इंटर के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 18 दिसंबर से शुरू हो चुकी थी, लेकिन जैक की अनुमति नहीं मिलने के कारण कई कॉलेजों के छात्रों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा था। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई थी। सीटों में वृद्धि के फैसले के बाद अब इस समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।
जैक के अध्यक्ष नटवा हांसदा ने बताया कि छात्रों की स्थिति से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी गई थी और सीट बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध किया गया था।
40 कॉलेजों में बना तनावपूर्ण माहौल
राज्य के 40 से अधिक इंटर कॉलेजों में तय सीमा से अधिक नामांकन होने के कारण हालात काफी बिगड़ गए थे। करीब 50 हजार छात्र-छात्राएं इस समस्या से प्रभावित हुए। कई जगहों पर कॉलेज परिसरों में विरोध और हंगामे की स्थिति भी देखने को मिली।
वर्तमान में झारखंड में 195 इंटर कॉलेजों को विधिवत स्वीकृति प्राप्त है, जबकि 50 से अधिक संस्थान ऐसे हैं जिन्हें केवल स्थापना की अनुमति मिली है। इन्हीं में से करीब 40 कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन न हो पाने से परेशानी और गंभीर हो गई थी।