National News: भारतीयों के लिए बचत और सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार माना जाने वाला सोना अब आम आदमी की पहुंच से दूर होता दिख रहा है। केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया है। इस बड़े फैसले के बाद अब ग्राहकों को प्रति 10 ग्राम सोने पर लगभग 27,000 रुपए तो सिर्फ टैक्स के रूप में चुकाने होंगे। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य डॉलर के मुकाबले लगातार गिरते रुपए को संभालना और देश के कीमती विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को बचाना है।
इंपोर्ट ड्यूटी का नया गणित: पुरानी और नई कीमतों में भारी अंतर
सरकार ने टैक्स ढांचे में बदलाव करते हुए अब सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% कृषि बुनियादी ढांचा और विकास उपकर (AIDC) लागू कर दिया है। पहले 10 ग्राम सोने पर करीब 13,500 रुपए का टैक्स लगता था, जो अब दोगुना होकर 27,000 रुपए हो गया है। यानी, केवल टैक्स बढ़ने के कारण ही सोने की कीमतों में 13,500 रुपए प्रति 10 ग्राम का सीधा उछाल देखने को मिलेगा। इस खबर के आते ही टाइटन (Titan) और कल्याण ज्वेलर्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की मांग में 10% तक की कमी आ सकती है।
पीएम मोदी की अपील और गिरता रुपया
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस हालिया अपील के सुर में है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से गैर-जरूरी सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को टालने का आग्रह किया था। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़ रहा है, जिसे नियंत्रित करने के लिए सोने के आयात पर लगाम लगाना जरूरी माना जा रहा है। बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.7450 पर पहुंच गया। सरकार को उम्मीद है कि आयात शुल्क बढ़ने से डॉलर की बाहर जाने वाली रफ़्तार कम होगी और रुपए को मजबूती मिलेगी।
बाजार की बदलती रणनीति: हल्के गहने और स्मगलिंग का खतरा
ज्वेलरी इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि नई खरीद महंगी होने से अब लोग भारी गहनों के बजाय हल्के वजन (Lightweight) वाले आभूषणों को प्राथमिकता देंगे। साथ ही, पुराने सोने को बदलकर नया लेने (Exchange) का चलन भी बढ़ेगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने एक बड़ी चिंता तस्करी (Smuggling) को लेकर जताई है। उनका मानना है कि 15% की भारी ड्यूटी के कारण अनौपचारिक रास्तों से सोने का अवैध व्यापार फिर से पनप सकता है, जो सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी करेगा। फिलहाल, शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वालों को अपना बजट पूरी तरह से दोबारा बनाना पड़ेगा।