Jharkhand News: राजधानी रांची से लेकर पूरे झारखंड में खुलेआम कटे बकरे और मुर्गे की बिक्री का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के दायरे में आ गया है. जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि फूड सेफ्टी के नाम पर लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं है और नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए. कोर्ट ने माना कि पहले के आदेशों के बावजूद जमीनी हालात नहीं बदले हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है.
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पाया कि पशु वधशाला और मांस बिक्री को लेकर अब तक स्पष्ट और अधिसूचित नियम लागू नहीं हो सके हैं. राज्य सरकार की ओर से यह भरोसा दिया गया कि केंद्र के फूड सेफ्टी रेगुलेशन के अनुरूप झारखंड के लिए अलग मॉडल रेगुलेशन तैयार किया जा रहा है. हालांकि कोर्ट ने साफ निर्देश दिया कि जब तक राज्य का नया रेगुलेशन लागू नहीं होता, तब तक केंद्र सरकार के 2011 के फूड सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी 2026 तय की गई है.
यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा हुआ है. अदालत की नाराजगी बताती है कि नियम कागजों तक सीमित हैं और जमीनी क्रियान्वयन कमजोर है. यदि तय समय में प्रभावी रेगुलेशन लागू नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सरकार और नगर निकायों पर कानूनी दबाव और बढ़ सकता है.