Jharkhand News: धान खरीद के मौसम के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने साफ कहा है कि मुआवजा या भुगतान दिलाने का झांसा देने वाले किसी भी बिचौलिए पर भरोसा न करें. सरकार की ओर से धान खरीद की पूरी प्रक्रिया तय नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यभर में 700 से अधिक धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर किसान सीधे पहुंचकर अपनी फसल बेच सकते हैं. धान की खरीद तय मानकों के अनुसार की जा रही है और किसी तरह की दलाली की कोई जरूरत नहीं है. किसानों को प्रति क्विंटल 2450 रुपये की दर से भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जा रहा है.
पैसे की मांग की जाती है तो सीधे अंचल कार्यालय या जिला प्रशासन को दे जानकारी
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से पैसे की मांग करता है या किसानों को गुमराह करने की कोशिश करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत अंचल कार्यालय या जिला प्रशासन को दें. सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
किसानों को सीधे लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
धान खरीद को लेकर अक्सर बिचौलियों की सक्रियता किसानों के लिए नुकसान का कारण बनती है. मुख्यमंत्री की यह अपील बताती है कि सरकार पारदर्शी सिस्टम के जरिए किसानों को सीधे लाभ पहुंचाना चाहती है. अब असली चुनौती यह है कि जमीनी स्तर पर किसान इस व्यवस्था पर भरोसा करें और किसी दबाव या लालच में न आएं.