Jharkhand News: झारखंड में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के लिए समझना अब आसान होने जा रहा है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार इलाज और सुविधाओं की पूरी जानकारी A To Z क्रम में जारी की है. इसका मकसद यही है कि मरीज अपनी जरूरत और बीमारी के हिसाब से सही सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक सीधे पहुंच सकें. इस सूची में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सभी को ध्यान में रखा गया है और खास तौर पर 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए विशेष गतिविधियों की योजना बनाई गई है.
सुविधाओं को आसान भाषा में बताया गया है
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी इस सूची में आयुष्मान कार्ड से लेकर योग अभ्यास तक की सुविधाओं को आसान भाषा में बताया गया है. सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों के मरीजों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस बीमारी में कहां इलाज उपलब्ध है. विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे निजी इलाज पर निर्भर रहने की बजाय सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें.
- A श्रेणी में आयुष्मान कार्ड, अबुआ स्वास्थ्य कार्ड और आभा आईडी कार्ड बनाने की सुविधा दी जा रही है.
- B श्रेणी के तहत दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम में मोतियाबिंद का इलाज और जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मा उपलब्ध कराया जाता है.
- C श्रेणी में बच्चों के लिए विशेष बाल स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं, ताकि समय पर जांच और उपचार हो सके.
- D श्रेणी में किडनी रोगियों के लिए डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
- E श्रेणी में नाक, कान और गला से जुड़ी जांच के साथ रक्त की उपलब्धता के लिए ई रक्तकोष की सुविधा दी जाती है.
- F श्रेणी के अंतर्गत परिवार नियोजन और उससे जुड़ी फॉलो अप सेवाएं प्रदान की जाती हैं.
- G श्रेणी में वृद्धजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं हैं, जिसमें हर तीसरे शनिवार को विशेष शिविर का आयोजन किया जाता है.
- H श्रेणी में होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से इलाज की सुविधा शामिल है.
- I श्रेणी के तहत आयोडीन की कमी से होने वाली बीमारियों और घेंघा रोग की जांच की जाती है.
- J श्रेणी में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं.
- K श्रेणी में किडनी रोगों की पहचान और उनके उपचार की व्यवस्था की गई है.
- L श्रेणी के अंतर्गत कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम में मुफ्त जांच और दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.
- M श्रेणी में मलेरिया की जांच के साथ मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा भी दी जाती है.
- N श्रेणी के तहत महिलाओं को पोषण परामर्श और गैर संचारी रोगों से जुड़ी जानकारी दी जाती है.
- O श्रेणी में प्रसूति और स्त्री रोग से संबंधित विशेषज्ञ सेवाएं शामिल हैं.
- P श्रेणी में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, दिमागी बुखार और डायरिया जैसे संक्रामक रोगों से बचाव के लिए निवारक कार्यक्रम चलाए जाते हैं.
- Q श्रेणी के तहत मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने पर विशेष जोर दिया गया है.
- R श्रेणी में सांप काटने, कुष्ठ रोग और अन्य गंभीर मामलों में रेफरल सेवाओं की व्यवस्था की गई है.
- S श्रेणी में बीपी, शुगर, एनीमिया, कैंसर, दांत तथा नाक, कान और गला की नियमित स्क्रीनिंग की जाती है.
- T श्रेणी के अंतर्गत टीबी मुक्त झारखंड अभियान के तहत क्षय रोग की मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा है.
- U श्रेणी में शहरी क्षेत्रों के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं.
- V श्रेणी में बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और उसका ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाता है.
- W श्रेणी के तहत महिलाओं के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं.
- X श्रेणी में जिला, अनुमंडल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्स रे और ईसीजी जांच की सुविधा दी गई है.
- Y श्रेणी में प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में योग अभ्यास की व्यवस्था की गई है.
- Z श्रेणी के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन के दौरान शून्य त्रुटि सुनिश्चित करने की विशेष तैयारी की जाती है.
सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा
स्वास्थ्य सेवाओं की A to Z जानकारी जारी करना एक सकारात्मक पहल है. इससे न केवल मरीजों की उलझन कम होगी बल्कि सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा. अब चुनौती यह रहेगी कि कागज पर बताई गई सुविधाएं जमीनी स्तर पर भी उसी गुणवत्ता और उपलब्धता के साथ मिलें.