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  • 2025-12-10

National Politics: शशि थरूर ने “वीर सावरकर अवॉर्ड” पर तोड़ी चुप्पी, बिना सहमति नाम घोषित होने पर जताई नाराजगी

National Politics: कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर इस बार एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं. मंगलवार को अचानक खबर आई कि उन्हें “वीर सावरकर अवॉर्ड” मिलने वाला है. राजनीतिक गलियारों में यह बात तेजी से फैल गई और कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. लेकिन कुछ ही देर बाद खुद थरूर सामने आए और बताया कि उन्हें इस अवॉर्ड की कोई जानकारी ही नहीं थी.

मीडिया रिपोर्ट्स में अपना नाम देखा: थरूर
थरूर ने कहा कि आयोजकों ने न तो उनसे संपर्क किया और न ही कोई औपचारिक सूचना भेजी. उन्हें इसका पता तब चला जब उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स में अपना नाम देखा. उस समय वे केरल में थे और स्थानीय निकाय चुनाव में वोट डालने पहुंचे थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब सूचना ही नहीं दी गई और सहमति नहीं ली गई, तो अवॉर्ड स्वीकार करने का कोई सवाल नहीं उठता. उन्होंने इस कदम को गैरजिम्मेदाराना बताया और कहा कि किसी का नाम बिना अनुमति घोषित करना गलत है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान भोज में शामिल हुए थे थरूर
इस विवाद से पहले भी थरूर चर्चा में थे. हाल ही में वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में दिए गए भोज में शामिल हुए थे. थरूर ने बताया था कि भोज में वातावरण गर्मजोशी से भरा था और रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत का अनुभव रोचक रहा. भोज के बाद उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी.

सार्वजनिक सम्मान की घोषणा से पहले संवाद और सहमति अनिवार्य
अवॉर्ड की सूची में थरूर का नाम बिना अनुमति शामिल किया जाना आयोजकों की लापरवाही को साफ दिखाता है. यह घटना बताती है कि किसी भी सार्वजनिक सम्मान की घोषणा से पहले संवाद और सहमति अनिवार्य है. थरूर की प्रतिक्रिया स्थिति को स्पष्ट करते हुए यह भी दर्शाती है कि वे किसी भी सम्मान को स्वीकार करने से पहले पारदर्शिता और प्रक्रियागत शिष्टाचार को महत्व देते हैं.
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