Jharkhnad News: CM हेमंत सोरेन के खिलाफ ED समन अवहेलना से जुड़े मामले में दाखिल याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. हाई कोर्ट ने ईडी को निर्देश दिया है कि वह मामले में अपना जवाब दाखिल करे. अब अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी. साथ ही कोर्ट ने MP/MLA कोर्ट में 12 दिसंबर को तय सुनवाई स्थगित करने का निर्देश दिया है.
हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल याचिका में एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को गलत बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई है. मामले में हेमंत सोरेन की ओर से कहा गया है कि समन अवहेलना का आरोप सही नहीं है और ट्रायल कोर्ट ने संज्ञान लेते समय प्रक्रिया का पालन नहीं किया.
दरअसल, ED ने समन के अनुपालन नहीं करने को लेकर पहले सीजेएम कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया था. सीजेएम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए हेमंत सोरेन को उपस्थित होने का आदेश दिया था. लेकिन वे कई निर्धारित तिथियों पर कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद मामला एमपी/एमएलए कोर्ट को स्थानांतरित हुआ जहां कांड संख्या 2/2024 के रूप में सुनवाई चल रही है. हेमंत सोरेन अब तक इस कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए हैं.
ED की शिकायत में बताया गया है कि जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को 10 समन भेजे गए थे. जिनमें से केवल दो समन पर वे ED के समक्ष पेश हुए. ED के अनुसार यह समन की अवहेलना है. हेमंत सोरेन 20 जनवरी को 8वें समन और 31 जनवरी को 10वें समन पर पेश हुए थे.
यह मामला अब केवल समन की अवहेलना तक सीमित नहीं रह गया है. हाई कोर्ट में दायर याचिका से साफ है कि सीएम हेमंत सोरेन कानूनी आधार पर ट्रायल कोर्ट के संज्ञान को चुनौती देना चाहते हैं. दूसरी तरफ ED इसे एक गंभीर उल्लंघन के तौर पर पेश कर रही है. आने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि मामला आगे ट्रायल में बढ़ेगा या हाई कोर्ट इसे नई दिशा देगा. राजनीतिक रूप से भी यह केस झारखंड में सत्ता और जांच एजेंसी के बीच टकराव का महत्वपूर्ण अध्याय बन चुका है.