Jamshedpur: जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में रहने वाले प्रदीप साहू का शव गुरुवार सुबह स्वर्णरेखा नदी घाट में तैरता हुआ मिला। प्रदीप पिछले चार दिनों से लापता थे, और अब उनके शव मिलने के बाद परिजनों तथा स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज़ लोगों ने उलीडीह थाने का घेराव किया और मुख्य सड़क पर जाम लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ भी शामिल रहीं।
प्रदीप साहू की निर्मम हत्या के बाद बस्ती में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए क्षेत्र में खुलेआम बिक रहे नशे को जिम्मेदार ठहराते हुए, इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन की घोषणा की है। इस आंदोलन का नेतृत्व नीरज सिंह कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक इस क्षेत्र से नशा बिक्री करने वाले सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
हत्या के पीछे लड़की और पुरानी रंजिश का शक
मृतक प्रदीप साहू की मां शोभा देवी ने हत्या के पीछे की एक चौंकाने वाली वजह बताई है। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ साल पहले प्रदीप किसी लड़की के मामले में जेल गया था। उन्होंने आशंका जताई है कि जिस लड़की के चक्कर में प्रदीप जेल गया था, उसके घर के बगल में ही वे सभी लड़के रहते हैं, जो शायद इस हत्या के पीछे हैं। मां ने कहा, "हो सकता है कि उसी पुरानी रंजिश या लड़की के चक्कर में इसकी हत्या की गई हो।
आपको बताए कि प्रदीप साहू साल भर पहले नाबालिग लड़की को लेकर भागने के आरोप में जेल गया था। इस जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि मृतक का आपराधिक इतिहास भी रहा है और हत्या के तार पुराने विवादों से जुड़े हो सकते हैं।
बस्ती वालों की मांग नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उलीडीह क्षेत्र में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जो आए दिन अपराधों को जन्म दे रहा है। प्रदीप साहू की हत्या के बाद अब बस्ती के लोग एकजुट हो गए हैं और नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। नीरज सिंह के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक क्षेत्र को नशामुक्त नहीं कर दिया जाता और हत्या के सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुँच जाते।