दूध में यूरिया और मसालों में ईंट, डराने वाली हकीकत
राघव चड्ढा ने सदन में उन मिलावटी पदार्थों की लंबी सूची पेश की, जिन्हें सुनकर हर कोई सन्न रह गया। उन्होंने बताया कि किस तरह मुनाफाखोरों ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया है। दूध में यूरिया और पनीर में कास्टिक सोडा जैसी जानलेवा चीजें मिलाई जा रही हैं। सब्जियों को चमकाने और जल्दी बड़ा करने के लिए ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन दिए जा रहे हैं, जबकि मसालों में ईंट का चूरा मिलाया जा रहा है।
शहद में नकली चीनी का घोल, आइसक्रीम में डिटर्जेंट और घी में जानवरों की चर्बी की मिलावट ने स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। मां के विश्वास पर प्रहार सांसद ने भावुक होते हुए कहा कि एक मां अपने बच्चे को यह सोचकर दूध पिलाती है कि इससे उसे पोषण मिलेगा, लेकिन अनजाने में वह उसे धीमा जहर दे रही है। यह केवल मिलावट नहीं, बल्कि देश की अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़ है।
FSSAI और सख्त कानूनों की मांग
राघव चड्ढा ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण FSSAI की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे और अधिक सशक्त बनाने की मांग की। उन्होंने सरकार के सामने चार मुख्य बिंदु रखे, मिलावटखोरों के लिए कानून इतना सख्त हो कि उनमें डर पैदा हो। देश भर में आधुनिक लैब का जाल बिछाया जाए ताकि तत्काल जांच हो सके।
सरकार से अपील
सार्वजनिक कार्यवाही मिलावटी पाए जाने वाले ब्रांड्स के नाम सार्वजनिक किए जाएं और उन्हें तुरंत बाजार से हटाया जाए।नियमित निगरानी, बाजारों में औचक निरीक्षण की प्रक्रिया को तेज किया जाए। इस संबोधन ने संसद में हड़कंप मचा दिया है और सोशल मीडिया पर भी लोग इसे "जनता से जुड़ा असली मुद्दा" बता रहे हैं। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इस दिशा में कितने ठोस कदम उठाती है।