Jamshedpur News: जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के सभी 32 ठेका कर्मी शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं. हड़ताल शुरू होते ही इलाके में जलापूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है. इस योजना से करीब 40 हजार घरों को पानी मिलता है और अनुमान है कि लगभग डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित होगी.
कर्मियों ने बताया है कि पिछले पांच महीनों से उन्हें भुगतान नहीं किया गया है. उनका कहना है कि बार बार आग्रह के बावजूद वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा है.
जलापूर्ति संचालन का टेंडर संभालने वाली कंपनी जेमनी इंटरप्राइजेज के संचालक अरुण सिंह ने भी अपनी मजबूरी जताई है. उन्होंने बताया कि सरकार से पिछले 23 महीनों का भुगतान लंबित है. यह बकाया राशि करीब तीन करोड़ रुपये है. अरुण सिंह का कहना है कि सरकारी भुगतान नहीं मिलने की वजह से वे अपने कर्मियों को वेतन देने में सक्षम नहीं हैं.
जमशेदपुर के इस मामले ने सरकारी लापरवाही को उजागर किया है. जलापूर्ति जैसी मूलभूत सेवा का ठप होना इस बात का संकेत है कि प्रशासनिक और वित्तीय स्तरीय समन्वय की कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है. कर्मियों का बकाया भुगतान और कंपनी पर सरकारी बकायों का बोझ यह दिखाता है कि सिस्टम में भुगतान प्रक्रिया कितनी धीमी है. यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो पानी संकट और गहरा सकता है.