Jharkhand News: पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के करीबी रमन कुमार साहू उर्फ सोनू पंडित की जमानत अर्जी पर विशेष एनआईए अदालत में सुनवाई पूरी हो गई है. अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है और 5 दिसंबर को फैसला सुनाया जाएगा.
यह मामला 15 दिसंबर 2023 को एनआईए द्वारा बिहार समेत 4 राज्यों में की गई बड़ी छापेमारी से जुड़ा है. छापेमारी के दौरान पटना जिले के धनरुआ थाना क्षेत्र के बहरी गांव से सोनू पंडित को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और तब से वह जेल में हैं.
एनआईए की टीम को छापेमारी के दौरान कई संवेदनशील और संदिग्ध सामग्री मिली थी. इनमें भारतीय सेना की बड़ी संख्या में वर्दियां शामिल थीं जिनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया जा सकता था. टीम ने हथियार, कारतूस और गोला बारूद भी बरामद किए थे. घर की तलाशी में कई गोपनीय कागजात, डायरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले थे. पेन ड्राइव, डीवीआर, सिम कार्ड और मोबाइल फोन से डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है. तीन लाख रुपये नकद और जेवरात भी जब्त किए गए थे जिनके स्रोत की जांच जारी है. सोनू पंडित ने 12 नवंबर को जमानत याचिका दाखिल की थी जिस पर अब फैसला 5 दिसंबर को आएगा.
मामले में बरामद सामग्री की प्रकृति और संख्या यह दर्शाती है कि जांच एजेंसी इसे गंभीर रूप से देख रही है. सेना की वर्दियां और हथियार मिलना मामले को और संवेदनशील बनाता है. जमानत पर फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अदालत बरामदगी और केस डायरी में दर्ज निष्कर्षों को किस तरह देखती है. इस प्रकरण का फैसला पीएलएफआई से जुड़े नेटवर्क की आगे की जांच दिशा पर भी प्रभाव डाल सकता है.