सरायकेला-खरसावां: सामाजिक संगठन जन कल्याण मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सीतारामपुर जलाशय के निर्माणाधीन 30 MLD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। टीम में अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओम प्रकाश, कार्यकारी अध्यक्षा शारदा देवी और मदन सिंह शामिल थे।
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के 19 जुलाई के निरीक्षण के बाद काम में तेजी आई है। दिसंबर 2025 तक जलापूर्ति शुरू करने का लक्ष्य है, बशर्ते मैनपावर बढ़े। आदित्यपुर में 11 में से 7 पानी टंकी तैयार हैं, 2 पर काम जारी है, और 1 के लिए फॉरेस्ट क्लेयरेंस का इंतजार है।
सापड़ा में बन रहे 60 MLD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट मार्च 2026 तक पूरा होगा, लेकिन 33 केवीए ट्रांसमिशन लाइन के लिए फॉरेस्ट NOC की जरूरत है। कुल 395 करोड़ के इन दोनों प्रोजेक्ट का टेंडर 2018 में हुआ था। जन कल्याण मोर्चा की हाईकोर्ट याचिका के बाद काम में गति आई।
सिंचाई विभाग ने हाईकोर्ट में आश्वासन दिया है कि गजिया बराज से पर्याप्त पानी मिलेगा। हाईकोर्ट इस मामले की निगरानी कर रहा है, जिसमें खोदे गए गड्ढों के रेस्टोरेशन की जांच भी शामिल है। अगली सुनवाई 27 नवंबर 2025 को है। अधिवक्ता ओम प्रकाश ने मार्च 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा होने और आदित्यपुर को जलापूर्ति में स्वावलंबी बनाने की उम्मीद जताई।