Jharkhand News: प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण बीएलसी घटक में राज्य सरकार ने निर्माण कार्य में तेजी ला दी है. उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में अब तक कुल 1,78,300 आवास स्वीकृत किए गए हैं. इनमें से 1,33,390 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है. शेष आवास अलग-अलग चरणों में लंबित हैं, जबकि 2,838 आवासों का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है.
केंद्र सरकार ने राज्य को स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोर-05 में लंबित सभी आवासों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए. रिपोर्ट के अनुसार कई जिलों में कम्प्लीशन रेट 70% से नीचे है. इसे सुधारने के लिए राज्य सरकार ने नई कार्ययोजना तैयार की है. निर्देश में ऐसे आवासों को प्राथमिकता देने को कहा गया है, जिनका कार्य फाउंडेशन लेवल, लिंटल लेवल या रूफ लेवल पर अटका हुआ है.
जिला और नगर निकायों को चरणबद्ध तरीके से निर्माण प्रगति भेजने का आदेश दिया गया है. राज्य सरकार चाहता है कि कोर-06 में प्रस्ताव भेजने से पहले सभी अधूरे आवासों का निर्माण पूरा हो जाए. सरकार का कहना है कि पीएमएवाई यू के लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए अभियान मोड में काम किया जा रहा है और हर लाभार्थी को उसका पूरा आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
राज्य में पीएम आवास शहरी योजना की रफ्तार सुधारने का दबाव सीधा केंद्र की सख्त मॉनिटरिंग से जुड़ा है. आंकड़े बताते हैं कि स्वीकृत आवासों की तुलना में पूर्ण आवासों की संख्या अच्छी है, लेकिन 2,838 आवासों का शुरू न होना और कई जिलों में 70% से कम कम्प्लीशन रेट प्रशासनिक सुस्ती की ओर संकेत करता है. सरकार की नई कार्ययोजना यह स्पष्ट करती है कि अब फोकस अधूरे पड़े चरणबद्ध निर्माण को पूरा करने पर है. यदि जिला और निकाय स्तर पर निगरानी मजबूत हुई तो कोर-06 से पहले लक्ष्य हासिल करना संभव है, अन्यथा योजना की गति फिर बाधित हो सकती है.