Jamshedpur : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुुलिया प्रखंड
में जिसकी आशंका जताई जा रही थी, वह सच
साबित हुई। शहर के बहुचर्चित सुनील महतो हत्याकांड में उसका जिगरी दोस्त ही
हत्यारा निकला। पुलिस ने आरोपित दोस्त 27 वर्षीय
नीरज बेरा को पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम से गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक हिरासत में
जेल भेज दिया।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में शहर
के मिस्त्रीपाड़ा निवासी नीरज ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सामग्रियों को भी जब्त कर लिया है। नीरज ने बताया कि
उसकी बीते 7- 8 वर्षों से सुनील के साथ मित्रता थी।
नीरज झाड़ग्राम में किसी
दुकान में काम करता था। वह जब भी चाकुलिया आता तो दोनों दोस्त मिलते तथा साथ बैठकर
शराब पीया करते थे। सुनील महतो शराब के नशे में अक्सर
उसे मां की गाली देता था। इस बात को लेकर पहले भी दोनों के बीच एक बार अनबन हो
चुकी थी। लेकिन, सुनील के माफी मांग लेने के बाद
दोनों दोबारा दोस्त बन गए थे।
15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के दिन
दोनों दोस्तों ने एरोड्रम में जाकर दारू पार्टी करने का निर्णय लिया। दोपहर करीब
एक बजे सुनील की बाइक से दोनों शराब, चखना,
पानी की बोतल आदि लेकर एरोड्रम पहुंचे तथा ध्यान
फाउंडेशन गौशाला के समीप खुली जगह देखकर बैठ गए। शराब पीना शुरू करने के थोड़ी देर बाद ही सुनील ने एक बार फिर नीरज को मां की गाली दी। इससे गुस्सा
कर नीरज ने इस बार उसे सबक सिखाने का मन ही मन निश्चय कर लिया।
उसने सुनील से कहा कि मैं एक और बोतल
लेकर आता हूं तब तक तुम यहीं बैठकर पीते रहो। यह कहकर वह सीधे घर पहुंचा तथा एक
लोहे का रॉड (गड्ढा खोदने का उपकरण) लेकर निकल पड़ा। रास्ते में उसने दुकान से शराब की एक
और बोतल खरीदी और वापस एरोड्रम पहुंच गया। इस बार उसने खुद शराब कम पी और सुनील को
जमकर पिलाया। पीने के बाद सुनील एक बार फिर नीरज से गाली-गलौज करने लगा।
इससे तैश में आकर उसने लोहे का रॉड
निकाला और सुनील के सिर के पिछले हिस्से में जोरदार प्रहार कर दिया। मौके पर ही
सुनील की मौत हो गई। हत्या करने के बाद सुनील का मोबाइल, बाइक तथा रॉड लेकर नीरज वहां से भाग निकला। उसने एरोड्रम से सटे कैनाल पुलिया के
पास मोबाइल तथा रॉड फेंक दिया। बाइक को उसने चाकुलिया रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी
बैरक से आगे झाड़ियों में छुपा दिया।
हत्याकांड के खुलासे में पुलिस
निरीक्षक मनोज गुप्ता, चाकुलिया थाना प्रभारी संतोष कुमार,
अवर निरीक्षक अजीत कुमार, कविंद्र कुमार पोद्दार व सहायक निरीक्षक पीतांबर मंडल की अहम भूमिका रही।
मां को लेकर झाड़ग्राम भाग गया
था नीरज
हत्यारोपित नीरज ने बताया कि वह अपनी मां से बहुत प्यार करता
है। उसे पता था कि अगर वह कहीं भाग गया तो पुलिस उसकी मां को परेशान करेगी। इसलिए हत्या के अगले दिन वह अपनी मां
के साथ झाड़ग्राम चला गया। उसने अपने मोबाइल का सिम भी निकाल कर फेंक दिया ताकि पुलिस उसका
लोकेशन पता ना लगा सके।
पुलिस ने लगातार प्रयास के बाद झाड़ग्राम के रघुनाथपुर स्थित न्यू रेनू लाज से उसे गिरफ्तार कर लिया। नीरज की
गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सामग्री तथा बाइक को भी
बरामद कर लिया गया है।