Jharkhand News: झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगा. बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी.
बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए देशी मांगुर मछली को झारखंड की राजकीय मछली घोषित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई. वहीं सेतु बंधन परियोजना के लिए 37.27 करोड़ रुपये झारखंड आकस्मिकता निधि से जारी करने का फैसला हुआ.
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले के एक-एक मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में स्टेम लैब की स्थापना की घोषणा की है. साइंस, टेक्नोलॉजी, इंग्लिश और मैथेमेटिक्स विषयों के उन्नयन के उद्देश्य से स्थापित की जाने वाली इस लैब की एक यूनिट पर 20 लाख रुपये खर्च होंगे.
नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत लाने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा विश्व बैंक संपोषित पॉलिटेक्निक शिक्षा सुदृढ़ीकरण योजना के तहत संविदा पर कार्यरत 24 कर्मियों की सेवा नियमित करने को भी मंजूरी दी गई.
बैठक में गारंटी मोचन निधि की स्वीकृति दी गई. इसके तहत सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा लिए गए उधार या जारी बांडों पर राज्य सरकार गारंटी देगी. राष्ट्रीय आवास बैंक के तहत योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए संशोधित प्रारूप को भी मंजूरी मिली.
पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए देवघर में होटल वैद्यनाथ बिहार के निर्माण और संचालन के लिए 113.97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई. यह होटल पीपीपी मोड में फोर स्टार श्रेणी का होगा.
वन विभाग में 3883 वनरक्षी पदों में से 1315 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए प्रधान वनरक्षी के पदों का सृजन किया गया है. साथ ही पलामू व्याघ्र परियोजना को पलामू के स्थान पर लातेहार के रूप में अंकित करने को भी स्वीकृति दी गई.
कैबिनेट ने झारखंड पुलिस वायरलेस संवर्ग नियुक्ति नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी. नए नियमों के तहत पुरुष वर्ग के लिए 1600 मीटर दौड़ छह मिनट में और महिला वर्ग के लिए 10 मिनट में पूरी करनी होगी. यही संशोधन इंडिया रिजर्व बटालियन में आरक्षी पद की नियुक्ति नियमावली में भी लागू किया गया.
राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के लिए मॉडल रूल को स्वीकृति दी गई है. इसके तहत ई-साक्ष्य और ई-समन की व्यवस्था लागू होगी. अब अनुसंधानकर्ता को सीन ऑफ क्राइम की रिकॉर्डिंग मोबाइल एप के माध्यम से करनी होगी.
कैबिनेट की अन्य स्वीकृतियों में गिरिडीह-जमुआर 28.44 किलोमीटर सड़क को टू लेन विथ पेब्ड शोल्डर में बदलने के लिए 133 करोड़ एक लाख 85 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. सिमडेगा से ओडिशा बॉर्डर तक 48.21 किलोमीटर सड़कों की राइडिंग क्वालिटी सुधार के लिए 29 करोड़ 76 लाख 22 हजार रुपये मंजूर किए गए.
इसके अलावा डॉ मैथिलीशरण की बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त करने और लातेहार के चंदवा अंचल स्थित चकला कोल परियोजना की 147.05 एकड़ भूमि हिंडाल्को कंपनी को सशुल्क लीज बंदोबस्ती की भी मंजूरी दी गई.
कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार विकास योजनाओं को तेज़ी से धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर रही है. शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और पर्यटन सभी क्षेत्रों में संतुलित पहल करने की कोशिश की गई है. वहीं पुरानी पेंशन योजना की बहाली और संविदा कर्मियों का नियमितीकरण सरकार की लोकहितकारी छवि को और मजबूत करेगा. शीतकालीन सत्र से पहले लिए गए इन फैसलों का राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर खास असर देखने को मिलेगा.