Jamshedpur: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा आयोजित आदिवासियों का संवाद कार्यक्रम का 12वां संस्करण 15 से 19 नवंबर तक आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन देश भर की जनजातीय संस्कृति, कला और जीवनशैली की अनूठी झलक पेश करेगा।
2500 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
इस पांच दिवसीय आयोजन में 24 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 153 जनजातियों के करीब 2500 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) के शुभ अवसर पर होगी।
कला, संगीत और पाककला का अद्भुत संगम
पहले दिन शाम 4 बजे से रात 9:30 बजे तक ट्राइबल आर्ट और हैंडीक्राफ्ट की भव्य प्रदर्शनी लगेगी। इसमें 28 जनजातियों के 117 कलाकार 31 प्रकार की पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसी दिन समुदाय पर आधारित एक फिल्म की सेटिंग की जाएगी।
16 नवंबर: सुबह 8:30 बजे से शाम 4 बजे तक पारंपरिक अखरा का आयोजन होगा, जिसमें जनजातीय नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही, ट्राइबल हीलिंग प्रैक्टिस यानी पारंपरिक उपचार पद्धतियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
रोजी-रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराता
संवाद का प्रमुख आकर्षण आदिवासी व्यंजन होंगे। 60 होम कुक्स द्वारा तैयार की गई 135 पारंपरिक रेसिपी पांचों दिन अलग-अलग मेन्यू में परोसी जाएंगी, जिसका स्वाद दर्शक ले सकेंगे। टाटा स्टील ने इस कार्यक्रम की शुरुआत 15 नवंबर 2014 को की थी। यह देश के पहले कॉरपोरेट घराने का आदिवासियों का मेला और कॉन्क्लेव है, जो जनजातीय जीवनशैली, खानपान और कला को प्रदर्शित करता है। यह आयोजन न केवल शहरी लोगों को जनजातीय संस्कृति से जोड़ता है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजी-रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराता है।