जमशेदपुर: सामाजिक संस्था लेट्स मेक अ डिफरेंस (एलएमएडी) द्वारा आयोजित जमशेदपुर युवा सम्मेलन 2025 के तीसरे दिन का आयोजन 1 नवंबर 2025 को केरला पब्लिक स्कूल, कदमा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, परिवार के महत्व और आत्म–विकास की समझ को प्रोत्साहित करना था।
दिन की शुरुआत
दिन की शुरुआत प्रार्थना और कुछ क्षणों की मौन साधना से हुई। इसके पश्चात विद्यार्थियों को 20 मिनट का समय अपने विचारों को डायरी में लिखने के लिए दिया गया, जिससे वे आत्म-चिंतन और कृतज्ञता की भावना विकसित कर सकें।
सत्र का संचालन
सत्र का संचालन विरल मजूमदार द्वारा किया गया। उन्होंने ईमानदारी, पवित्रता, निःस्वार्थता और प्रेम जैसे मूल्यों की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला और बताया कि ये मूल्य जीवन में शांति और संतुलन लाते हैं। उन्होंने सुंदर शब्दों में कहा — “जब हम भीतर से शुद्ध होते हैं, तो बाहर की दुनिया अपने आप सही हो जाती है।”
अपने बाल्यकाल के अनुभवों को साझा करते हुए मजूमदार ने बताया कि परिवार व्यक्ति के संस्कारों और चरित्र निर्माण की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि परिवार प्रेम, विश्वास और भावनात्मक शक्ति का आधार है और पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाए रखना व्यक्तिगत विकास और खुशी के लिए आवश्यक है।
उन्होंने अहंकार और क्रोध पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि इन भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखना न केवल घर में, बल्कि समाज में भी संबंधों को बेहतर बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे दूसरों का मूल्यांकन न करें, बल्कि सभी को दयालुता और समझदारी से स्वीकार करें, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति हमारे जीवन में कोई न कोई मूल्यवान शिक्षा लेकर आता है। इस सत्र में छात्रों ने अपने पारिवारिक जीवन तथा परिवार की दैनिक समस्याओं को सबके समक्ष साझा किया सम्मेलन से अब तक उन्होंने क्या सीखा तथा उनके व्यक्तित्व के विकास में सम्मेलन की शिक्षाओं का क्या महत्व रहा यह भी बताया ।
सत्र के अंत में एक लाइव प्रदर्शन गतिविधि का आयोजन किया गया, जिसमें यह दर्शाया गया कि मूल्य और पारिवारिक समर्थन मिलकर एक संतुलित और करुणामय जीवन की नींव रखते हैं। तथा हम किस तरह अपने टूटे हुए रिश्तों को जोड़ सकते हैं । विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे इन शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाएँगे।
यह कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक रहा, जिसने सभी को यह संदेश दिया कि सच्चा परिवर्तन भीतर से शुरू होता है, और यह परिवर्तन हमारे परिवारों और समुदायों के मूल्यों से और भी मजबूत बनता है ।