चौबे के खिलाफ शिकंजा
चौबे के खिलाफ शिकंजा कसते हुए, एंटी करप्शन ब्यूरो ने उनके बेहद करीबी माने जाने वाले कारोबारी विनय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। विनय सिंह जो पहले से ही झारखंड शराब घोटाले में भी आरोपी रहे हैं।
विनय सिंह को शराब घोटाले के संबंध में पूछताछ
एसीबी ने गुरुवार को विनय सिंह को शराब घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी जमीन घोटाले के एक नए मामले में की गई। एसीबी के अनुसार, सिंह की गिरफ्तारी 25 सितंबर को दर्ज किए गए केस के आधार पर हुई है। यह कदम संकेत देता है कि जांच एजेंसियां अब चौबे और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज विभिन्न घोटालों में कार्रवाई तेज कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हजारीबाग वन भूमि घोटाला एक बड़ा मामला
सूत्रों के मुताबिक, हजारीबाग वन भूमि घोटाला एक बड़ा मामला है, जिसमें सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए वन भूमि को अवैध तरीके से खुर्द-बुर्द करने या उसके स्वरूप को बदलने का आरोप है। इस मामले में आईएएस विनय कुमार चौबे को आरोपी बनाए जाने से स्पष्ट है कि जांच की सुई सीधे उन तक पहुंच गई है, और उनके प्रशासनिक फैसलों की गहनता से जांच की जा रही है।
एसीबी की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य में कड़ा रुख
निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं, और एक के बाद एक नए मामलों में उनका नाम सामने आना झारखंड के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। चौबे और उनके नजदीकी कारोबारी विनय सिंह की गिरफ्तारी से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इन घोटालों से जुड़े और अहम खुलासे हो सकते हैं। एसीबी की यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य में कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।