Jamshedpur Durga Puja: आस्था, श्रद्धा और उमंग का महापर्व, मां दुर्गा की आराधना का पावन समय, आज 21 सितंबर से शुरू हो चुका है. झारखंड का औद्योगिक शहर जमशेदपुर, जहां इस्पात की चमक से भारत का मान बढ़ता है, वहीं इसकी एक और पहचान है, दुर्गा पूजा की भव्यता. शारदीय नवरात्र आते ही यह शहर मानो नए रंगों में रंग उठता है.
हर गली, हर मोहल्ला और हर चौक-चौराहे पर अद्भुत पंडाल सजते हैं. ये पंडाल सिर्फ ढांचा नहीं होते, बल्कि माँ दुर्गा की दिव्य प्रतिमाओं, बंगाल की लाजवाब कला और झारखंड की अनूठी संस्कृति का संगम पेश करते हैं. मानो पूरा शहर एक विशाल कैनवास बन जाता है, जिस पर भक्ति, कला और लोक-संस्कृति अपनी कहानी कहती है.
कहते हैं कि मां दुर्गा ने इसी समय महिषासुर का वध कर धर्म और सत्य की रक्षा की थी. तभी से यह पर्व अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक बन गया. जमशेदपुर की दुर्गा पूजा में यही संदेश हर पंडाल, हर आरती और हर मंत्रोच्चार से गूंजता है.
इन पंडालों की खूबसूरती, अद्भुत सजावट और मां की प्रतिमाओं की अलौकिक छवि हर किसी के मन को मोह लेती है. ढाक की थाप, शंख की गूंज और आरती की गूंज से पूरा शहर भक्तिमय हो उठता है. यहां की दुर्गा पूजा केवल पूजा नहीं, बल्कि एक विराट लोक-उत्सव है, जहां भक्ति और आनंद एक साथ बहते हैं.
शाम ढलते ही परिवार और दोस्त संग-संग निकलते हैं पंडालों की सैर पर. कोई मां की आराधना में मग्न होता है तो कोई कलात्मक सजावट में खो जाता है. कहीं गरमा-गरम पकवानों की खुशबू लोगों को खींचती है तो कहीं झूलों की रौनक बच्चों के चेहरे पर मुस्कान भर देती है.
जमशेदपुर में दुर्गा पूजा का यह पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है. हर धर्म और हर समुदाय के लोग मिलकर मां दुर्गा की महिमा का उत्सव मनाते हैं.
यहां की पूजा कमेटियों का इतिहास भी गौरवशाली है. कई समितियां 70 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं. सिदगोड़ा, काशीडीह और आदित्यपुर के पंडालों में लाखों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं. यहां दुर्गा पूजा बिल्कुल कोलकाता की तर्ज पर मनाई जाती है, वही भव्यता, वही सजावट और वही अथाह भीड़. मां की भक्ति में डूबा पूरा शहर एक परिवार सा लगता है.
न्यूज़ 26 की ओर से आप सभी को शारदीय नवरात्र की ढेर सारी शुभकामनाएं. मां दुर्गा से यही प्रार्थना है कि हर घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति बनी रहे.