Jharkhand News: ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करने की दिशा में टाटा पावर की सहायक कंपनी मैथन पावर लिमिटेड (एमपीएल) ने लोक भारती एजुकेशन सोसाइटी के सहयोग से धनबाद के निरसा में एक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की है. इस पहल के तहत आसपास के 30-35 गांवों के लगभग 300 युवाओं को पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.
यह प्रशिक्षण केंद्र भारत सरकार की स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य युवाओं को सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भर भविष्य के लिए तैयार करना है. प्रस्तावित कोर्सेस में असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, घरेलू उपकरणों के तकनीशियन और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं.
औपचारिक उद्घाटन एमपीएल के सीएफओ अंशुमान चक्रवर्ती, हेड-सीएंडएम जयंश्री चौधरी, सीएसआर हेड मृत्युंजय रे और एमपीएल सीएसआर टीम ने संयुक्त रूप से किया. इस मौके पर एमपीएल प्रबंधन ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीण युवाओं को आधुनिक प्रयोगशालाओं, उद्योग मानक टूलकिट और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की मदद से न केवल तकनीकी ज्ञान देगा, बल्कि संचार, अनुशासन और सॉफ्ट स्किल्स भी सिखाएगा, ताकि वे मुख्यधारा के रोजगार बाजार में आत्मविश्वास के साथ कदम रख सकें.
एमपीएल के सीएफओ अंशुमान चक्रवर्ती ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल भारत और आत्मनिर्भर भारत मिशन के अनुरूप है और इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में सशक्त बनाना है. वहीं, सीएसआर हेड मृत्युंजय रे ने बताया कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और उद्योग-संबंधित कौशलों पर आधारित है, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता और भविष्य की संभावनाएं बेहतर होंगी.
कंपनी का कहना है कि यह पहल केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आत्मविश्वास दिलाने, सामाजिक-आर्थिक अंतर मिटाने और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में भी सहायक होगी. प्रशिक्षित युवा दिल्ली, एनसीआर और अन्य महानगरों में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार होंगे.
यह पहल टाटा पावर की पॉजिटिव एक्शन पॉलिसी का हिस्सा है, जिसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजनों और गरीब समुदायों की महिलाओं को विशेष रूप से सशक्त बनाने पर ध्यान दिया जाता है.
उल्लेखनीय है कि टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (टीपीएसडीआई) के नेतृत्व में कंपनी अब तक 3.4 लाख से अधिक युवाओं को स्वच्छ ऊर्जा और संबद्ध तकनीकों में प्रशिक्षित कर चुकी है. निरसा का यह नया केंद्र भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जो ग्रामीण युवाओं की क्षमता को वास्तविक रोजगार के अवसरों में बदलने और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने की दिशा में एक और बड़ा कदम है.