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  • 2025-04-27

Jamshedpur: Ghaghidih Jail Firing: गोली चलने के आठ घंटे बाद भी अनजान रही पुलिस? सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल, पढ़िए पूरा मामला

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Jamshedpur: जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल के बाहर मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब बाइक सवार दो बदमाशों ने खुलेआम फायरिंग कर दी। घटना सुबह करीब 6 बजे की थी, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि परसुडीह थाना पुलिस को घटना की जानकारी आठ घंटे बाद भी नहीं थी।

 
जब झारखंड न्यूज़ 26 की टीम ने दोपहर 2 बजे परसुडीह थाना के सरकारी नंबर पर कॉल कर घटना की पुष्टि करनी चाही, तो थाना प्रभारी ने साफ तौर पर गोलीबारी की घटना से इनकार कर दिया। जबकि इसी घटना को लेकर जेल अधीक्षक अजय कुमार प्रजापति द्वारा परसुडीह थाना में लिखित एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
 
क्या पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी, या फिर जानबूझकर घटना को दबाने की कोशिश की जा रही थी? यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इतनी संवेदनशील जगह पर फायरिंग जैसी घटना और पुलिस का अनभिज्ञ बने रहना, साफ तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक को दर्शाता है।
 
क्या है मामला?
 
सुबह करीब 6 बजे बजाज मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक घाघीडीह सेंट्रल जेल के मुख्य गेट पर पहुंचे और दो राउंड फायरिंग की। जेल के गेट और दीवार पर लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों हमलावरों की तस्वीरें कैद हो गईं। घटना के बाद पुलिस ने एक पर्चा बरामद किया, जिसमें अभिजित मंडल का नाम लिखा था। अभिजित मंडल टकलू लोहार हत्याकांड का आरोपी है और फिलहाल सीसीए के तहत घाघीडीह जेल में बंद है।
 
फायरिंग के बाद से जेल प्रशासन ने अभिजित मंडल की सुरक्षा बढ़ा दी है, वहीं पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। फायरिंग करने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी जारी है।
 
घाघीडीह जेल में हिंसा का इतिहास
 
यह पहली बार नहीं है जब घाघीडीह जेल में हिंसक घटनाएं हुई हों।
 
2009 में दो बंदियों की जेल के भीतर हत्या हुई थी।
 
2019 में गैंगवार में एक विचाराधीन कैदी की जान चली गई थी।
 
पुलिस की भूमिका पर सवाल
 
इतनी हाई सिक्योरिटी वाली जगह पर गोली चलने के बावजूद न सिर्फ अपराधी आसानी से फरार हो गए, बल्कि स्थानीय पुलिस को भी कई घंटे बाद तक घटना की सही जानकारी नहीं थी। इस लापरवाही ने पूरे पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 
क्या थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा? इन सवालों का जवाब अब पूरा शहर जानना चाहता है।
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