Murali Kartik Birthday: भारत के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक 11 सितंबर 2026 को अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं. बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स स्पिन और हाई-आर्म एक्शन के लिए पहचाने जाने वाले कार्तिक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भले लंबा दौर नहीं खेला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड बनाया. बाद में उन्होंने कमेंट्री के जरिए क्रिकेट से अपना जुड़ाव बनाए रखा.
12 साल की उम्र में चुना क्रिकेट
मुरली कार्तिक का जन्म 11 सितंबर 1976 को चेन्नई में हुआ था. उनके परिवार में शिक्षा को महत्व दिया जाता था, लेकिन बचपन से ही उनका झुकाव क्रिकेट की ओर रहा. महज 12 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया था. क्रिकेट के साथ पढ़ाई में भी उनकी रुचि रही. उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करते हुए अपनी जगह मजबूत की और 1996 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया.
टेस्ट डेब्यू में लिए तीन विकेट
घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन का इनाम कार्तिक को भारतीय टीम में चयन के रूप में मिला. साल 2000 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. पहली पारी में उन्होंने तीन विकेट हासिल किए. इसके दो साल बाद 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से खेलने का मौका मिला.
मुरली कार्तिक के टेस्ट करियर में 2004 का वानखेड़े टेस्ट खास रहा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में तीन विकेट झटके. कार्तिक की गेंदबाजी के दम पर भारत ने यह मुकाबला 13 रन से अपने नाम किया. ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में महज 93 रन पर सिमट गई थी.
घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
भारत के लिए कार्तिक ने कुल आठ टेस्ट मैच खेले, जिनमें उनके नाम 24 विकेट रहे. वनडे करियर में उन्होंने 37 मुकाबले खेले और 37 विकेट हासिल किए. उनका वनडे इकॉनमी रेट 5.07 रहा. टी20 इंटरनेशनल में उन्हें सिर्फ एक मुकाबला खेलने का मौका मिला, जिसमें वह कोई विकेट नहीं ले सके. भारतीय टीम में अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे अनुभवी स्पिनरों की मौजूदगी के कारण उन्हें लगातार अंतरराष्ट्रीय मौके नहीं मिल पाए.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तुलना में कार्तिक का घरेलू रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा. उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 203 मैचों में 644 विकेट अपने नाम किए. इस दौरान उन्होंने 36 बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया. यही रिकॉर्ड उनके घरेलू क्रिकेट में प्रभाव को दिखाता है.
कमेंट्री में बनाई अलग पहचान
क्रिकेट से संन्यास के बाद कार्तिक ने कमेंट्री को अपने करियर का अहम हिस्सा बनाया. खेल की बारीक समझ और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने की उनकी क्षमता ने उन्हें ब्रॉडकास्टिंग में भी पहचान दिलाई. एक स्पिन गेंदबाज से लेकर घरेलू क्रिकेट के बड़े रिकॉर्डधारी और फिर कमेंटेटर तक, मुरली कार्तिक का सफर क्रिकेट के अलग-अलग दौर से होकर गुजरा है.