Delhi MCD Action: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD को ऐसी इमारतों की जांच कर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. बुधवार से दिल्ली के कई इलाकों में अवैध निर्माण तोड़ने और इमारतों को सील करने का काम शुरू होगा. अधिकारियों को मौके पर जाकर कार्रवाई की निगरानी करने को कहा गया है. सरकार अब यह भी पता लगाएगी कि इमारतों में अवैध निर्माण कब हुआ और उस समय इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की थी.
पुराने रिकॉर्ड से खुलेगी अवैध निर्माण की कहानी
सरकार अब सिर्फ अवैध हिस्सा तोड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखेगी. जिन इमारतों में अवैध निर्माण मिलेगा, उनके पुराने Building Records भी देखे जाएंगे. इससे पता लगाया जाएगा कि अवैध निर्माण कब किया गया था.
इसके बाद उस समय वहां तैनात अधिकारियों की जानकारी भी निकाली जाएगी. सरकार यह पता करना चाहती है कि निर्माण के समय किस अधिकारी की जिम्मेदारी थी. इसके आधार पर जवाबदेही तय की जाएगी.
PG और हॉस्टल की भी होगी जांच
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के PG और हॉस्टल भी जांच के दायरे में आ गए हैं. MCD की विशेष टीमें अलग अलग इलाकों में हॉस्टल की जांच करेंगी. इमारत में अतिरिक्त निर्माण मिला या सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हुआ, तो कार्रवाई की जाएगी.
सत्य निकेतन में 7 लोगों की गई थी जान
यह पूरा मामला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद सामने आया. यहां पांच मंजिला PG इमारत अचानक गिर गई थी. हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी. कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे. प्रारंभिक जांच में बिना अनुमति अतिरिक्त मंजिल बनाने की बात सामने आई थी. इसके अलावा बेसमेंट में पानी भरने और बिना मंजूरी मरम्मत कराने की जानकारी भी सामने आई. हादसे के बाद पुलिस ने भवन मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की थी. सरकार ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए हैं.
PG चलाने के लिए लाइसेंस जरूरी होगा
दिल्ली सरकार अब PG और हॉस्टल को लेकर नए नियम बनाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत PG चलाने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी किया जा सकता है. इसके साथ पुलिस NOC भी जरूरी होगी. इमारत की मजबूती का स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट भी देना होगा. फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट भी अनिवार्य किया जाएगा. PG संचालकों को एक सार्वजनिक पोर्टल पर अपना पंजीकरण भी कराना होगा. सरकार का मकसद PG और हॉस्टल में रहने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ाना है. फिलहाल अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों की जांच और कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.