Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को प्रशासन की टीम ने एक निजी क्लीनिक को सील कर दिया. यह क्लीनिक इलाके में डॉक्टर बंगाली के नाम से चलता था. कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीण काफी नाराज दिखे. यहां तक कि लोगों ने प्रशासन की करवाई का विरोध तक किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन करने की भी बात कही है, क्योंकि यह निजी क्लीनिक आसपास के लोगों का एक मात्र सहारा है.
अधिकारियों की टीम ने की जांच
क्लीनिक में कार्रवाई के दौरान बीडीओ राहुल देव, थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री और इटखोरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुमित कुमार जायसवाल मौजूद थे. टीम ने क्लीनिक की जांच की. इसके बाद पूरे परिसर को सील कर दिया गया.
क्लीनिक बंद होने से ग्रामीण परेशान
क्लीनिक सील होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए. लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया. ग्रामीणों का कहना है कि यह क्लीनिक लंबे समय से आसपास के लोगों के इलाज का सहारा था. खासकर सामान्य और प्राथमिक इलाज के लिए लोग यहां आते थे. अब क्लीनिक बंद होने से मरीजों और उनके परिवारों को परेशानी हो रही है.
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में चल रहे दूसरे निजी क्लीनिक और अस्पतालों की इसी तरह जांच नहीं होती. उन्होंने प्रशासन से क्लीनिक सील करने की वजह साफ करने की मांग की है. साथ ही निष्पक्ष जांच के बाद क्लीनिक खोलने की मांग की है.
सील करने की वजह अभी साफ नहीं
प्रशासन ने क्लीनिक को सील कर दिया है. लेकिन अभी तक इसकी सटीक वजह को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसी वजह से इलाके में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जल्द स्थिति साफ नहीं की गई और क्लीनिक नहीं खोला गया, तो वे वरीय अधिकारियों से शिकायत करेंगे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन करने की भी बात कही है. फिलहाल प्रशासन की ओर से क्लीनिक सील करने की वजह और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.