Jharkhand Chana Dal Scheme: झारखंड में राशन कार्डधारियों को हर महीने चना दाल देने की योजना पर सवाल उठने लगे हैं. सरकार ने परिवारों को सस्ती दर पर दाल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है, लेकिन इसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त महीने में राज्य के सिर्फ करीब 13 प्रतिशत लाभुकों को ही चना दाल मिल सकी. जबकि दाल की आपूर्ति के लिए कंपनी को पहले ही आदेश दिया जा चुका था.
इसके बावजूद वितरण व्यवस्था लक्ष्य के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सकी. इससे खाद्य आपूर्ति विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
एक रुपये किलो में मिलनी है एक किलो चना दाल
राज्य सरकार ने जुलाई 2022 में राशन कार्डधारियों को दाल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया था. इसके बाद 2 फरवरी 2023 को विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया. इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना दाल देने का फैसला किया गया. लाभुकों को यह दाल सिर्फ एक रुपये प्रति किलो की दर से मिलनी है. योजना का उद्देश्य राशन के साथ परिवारों को दाल जैसी जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है.
झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी NFSA के तहत कुल 60,15,999 राशन कार्ड हैं. इनमें अंत्योदय और प्राथमिकता वाले परिवार यानी PHH श्रेणी के कार्ड शामिल हैं. इसके अलावा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना यानी JSFSS के तहत आने वाले ग्रीन राशन कार्डधारी परिवार भी इस व्यवस्था में शामिल हैं. ग्रीन राशन कार्डधारियों को भी हर महीने एक किलो चना दाल देने का प्रावधान है. इसके साथ एक किलो नमक भी उपलब्ध कराया जाना है.
68 लाख से ज्यादा लाभुक परिवार दायरे में
NFSA और JSFSS को मिलाकर इस योजना का लाभ लेने वाले परिवारों की संख्या काफी बड़ी है. विभागीय स्तर पर लाभुकों का दायरा 68 लाख से अधिक बताया जाता है. ऐसे में हर महीने दाल की नियमित आपूर्ति और वितरण की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. लेकिन अगस्त में सिर्फ 13 प्रतिशत लाभुकों तक दाल पहुंचने से बड़ी संख्या में परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए.
जानकारी के मुताबिक, दाल की आपूर्ति के लिए संबंधित कंपनी को आदेश दिया जा चुका था. इसके बावजूद कई राशन कार्डधारियों को निर्धारित मात्रा में दाल नहीं मिल सकी. इसमें NFSA के लाभुकों के साथ ग्रीन राशन कार्डधारी परिवार भी शामिल हैं. कम वितरण के कारण अब विभाग की खरीद, आपूर्ति और राशन दुकानों तक दाल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.
योजना बनी, लेकिन लाभुकों तक पहुंच में बड़ी कमी
सरकार ने सस्ती दर पर दाल उपलब्ध कराने की योजना शुरू की थी, ताकि राशन कार्डधारी परिवारों को अतिरिक्त राहत मिल सके. हालांकि, अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि योजना का वास्तविक लाभ सभी पात्र परिवारों तक नहीं पहुंच पाया.
अब जरूरत इस बात की है कि विभाग दाल की खरीद से लेकर गोदाम और राशन दुकानों तक पहुंचने की प्रक्रिया की समीक्षा करे, ताकि आने वाले महीनों में लाभुकों को नियमित रूप से चना दाल मिल सके.