Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो छोटा पुल के पास सड़क के गड्ढे की वजह से हुए हादसे में 18 वर्षीय आयुष कुमार की जान चली गई थी. 16 अगस्त को हुए इस हादसे के बाद अब शुक्रवार सुबह छोटा पुल और उसके आगे की सड़क पर बने गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है. सड़क पर गड्ढों की मरम्मत के लिए जेसीबी और मजदूर लगाए गए हैं. स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि यह काम टाटा स्टील USIL की ओर से कराया जा रहा है.
दूध पहुंचाने निकला था आयुष
16 अगस्त की शाम करीब 5 बजे आयुष कुमार बाइक से दूध पहुंचाने जा रहा था. मानगो छोटा पुल के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे में बाइक का संतुलन बिगड़ गया. आयुष बाइक से गिरकर सड़क पर आ गया. इसी दौरान पीछे से आ रही एक कार ने उसे टक्कर मार दी. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. बाद में उसे इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया. इलाज के दौरान आयुष ने दम तोड़ दिया.
आयुष सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयांडीह स्थित बाबूडीह बस्ती का रहने वाला था. वह दूध आपूर्ति का काम करता था और परिवार का बड़ा बेटा बताया गया है. उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. परिजनों ने हादसे के बाद सड़क की खराब स्थिति को लेकर नाराजगी जताई थी.
गड्ढों को लेकर उठ रहे थे सवाल
आयुष की मौत के बाद छोटा पुल और आसपास की सड़क पर बने गड्ढों को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश था. लोगों का कहना था कि सड़क की खराब स्थिति से लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है. हादसे के बाद सड़क की मरम्मत की मांग भी उठी थी. अब शनिवार से इसी इलाके में गड्ढों को भरने का काम शुरू होने से लोगों को राहत की उम्मीद है.
शुक्रवार सुबह सड़क के कई हिस्सों में मरम्मत का काम शुरू किया गया. जेसीबी की मदद से गड्ढों में भराव किया जा रहा है. इसके साथ मजदूर भी सड़क को दुरुस्त करने में जुटे हैं. बताया जा रहा है कि छोटा पुल से आगे तक सड़क के खराब हिस्सों को भी ठीक किया जा रहा है. स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि सिर्फ गड्ढों का अस्थायी भराव किया जाता है या सड़क की पूरी तरह मरम्मत भी होगी.
हादसे के बाद जागा सिस्टम?
आयुष की मौत के बाद सड़क की हालत को लेकर उठे सवालों के बीच अब मरम्मत का काम शुरू हुआ है. हालांकि, स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क पर सिर्फ गड्ढे भरने के बजाय पूरे हिस्से की स्थिति की जांच की जाए. उनका कहना है कि बारिश और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क फिर खराब न हो, इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है. आयुष की मौत ने सड़क सुरक्षा और खराब सड़कों के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला दिया है. अब देखना होगा कि मरम्मत का यह काम कितने समय तक टिकता है और सड़क हादसों को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.