Jharkhand Single Window: झारखंड में कारोबार शुरू करने और उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिशों का असर अब दिखाई देने लगा है. राज्य सरकार के सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के जरिए निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है. इस ऑनलाइन व्यवस्था के तहत अब तक 2,41,409 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है.
रांची और जमशेदपुर में निवेशकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी
निवेश के मामले में रांची और पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे हैं. रांची में अब तक 31,408 आवेदन मिले हैं. राजधानी होने के साथ-साथ प्रशासनिक और कारोबारी गतिविधियों का बड़ा केंद्र होने के कारण यहां निवेशकों की संख्या ज्यादा है.
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में 28,973 आवेदन दर्ज किए गए हैं. औद्योगिक गतिविधियों और बड़े उद्योगों की मौजूदगी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है.
धनबाद में भी 17,501 आवेदन मिले हैं. जिले में खनन और औद्योगिक गतिविधियां अधिक होने के कारण यहां भी निवेशकों की अच्छी रुचि है.
सरायकेला-खरसावां और रामगढ़ जैसे जिलों में भी औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं. ऑटोमोबाइल, स्टील और इससे जुड़े कारोबार इन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं.
सिंगल विंडो से अब तक 2.41 लाख आवेदन मंजूर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल पर अब तक 1,67,882 यूजर्स रजिस्टर हो चुके हैं. निवेशकों की ओर से 1,40,235 कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म जमा किए गए हैं. कुल आवेदनों की संख्या 2,76,027 पहुंच गई है. इनमें से 2,41,409 आवेदन मंजूर किए जा चुके हैं. वहीं, 24,147 आवेदन खारिज हुए हैं. इसके अलावा 7,305 आवेदन विभागों के स्तर पर प्रक्रिया में हैं. 3,166 आवेदन निवेशक या नियोक्ता के स्तर पर लंबित हैं. पोर्टल पर अब तक 8,157 शिकायतें और पूछताछ भी दर्ज की गई हैं.
सबसे ज्यादा आवेदन श्रम विभाग से
विभागों की बात करें तो सबसे ज्यादा आवेदन श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग से जुड़े हैं. कुल आवेदनों में इसकी हिस्सेदारी 46.3 प्रतिशत है. इसके बाद झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का हिस्सा 18.1 प्रतिशत है. अग्निशमन सेवा निदेशालय से जुड़े आवेदनों की हिस्सेदारी 8.6 प्रतिशत है. ऊर्जा विभाग के पास 7.9 प्रतिशत आवेदन पहुंचे हैं. वाणिज्य कर विभाग से जुड़े आवेदन 7.3 प्रतिशत हैं. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की हिस्सेदारी 4.9 प्रतिशत है. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से जुड़े आवेदन 5.5 प्रतिशत हैं. सड़क निर्माण विभाग और नगरीय विकास एवं आवास विभाग से जुड़े आवेदनों की हिस्सेदारी क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 0.5 प्रतिशत है. बाकी करीब 2.4 प्रतिशत आवेदन उद्योग, आईटी, जल संसाधन और खान समेत दूसरे विभागों से संबंधित हैं.
रांची सबसे आगे, जमशेदपुर दूसरे नंबर पर
जिलावार आंकड़ों में रांची सबसे ऊपर है. रांची के बाद पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, सरायकेला-खरसावां और हजारीबाग का स्थान है. हजारीबाग में 8,984 आवेदन, गिरिडीह में 7,736 आवेदन और देवघर में 6,552 आवेदन दर्ज किए गए हैं. पलामू में 6,113 आवेदन मिले हैं, जबकि रामगढ़ में इनकी संख्या 6,109 है. पाकुड़ में 3,475 आवेदन दर्ज किए गए हैं. बोकारो में 1,009 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा चतरा, दुमका, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, साहिबगंज, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भी निवेश से जुड़े आवेदन मिले हैं. इन जिलों में स्थानीय जरूरत, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों के हिसाब से निवेश की स्थिति अलग-अलग है.
सिंगल विंडो सिस्टम का उद्देश्य निवेशकों को अलग-अलग सरकारी विभागों में आवेदन करने की परेशानी से बचाना है. एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए जरूरी मंजूरियों और विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करने की कोशिश की जा रही है. सरकार का फोकस इस व्यवस्था के जरिए कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने पर है. अगर आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया इसी तरह ऑनलाइन और आसान होती है, तो झारखंड में नए उद्योग और निवेश आने की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं.