Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा वन क्षेत्र में अंधविश्वास से जुड़ा एक मामला सामने आया है। छोटानागरा थाना क्षेत्र के दूईया गांव में एक महिला ने गांव के ही एक व्यक्ति पर उसे डायन बताकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार, आरोपी ने रास्ते में रोककर उसका गला दबाया और जमीन पर पटक दिया। संघर्ष के बाद वह किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रही।
पीड़िता की पहचान 35 वर्षीय मंजू गोप, पति बुधराम चेरवा, के रूप में हुई है। बताया गया कि शुक्रवार शाम मजदूरी का काम खत्म करने के बाद वह पैदल अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान गांव के ही राम गोप उर्फ जंतु गोप ने कथित तौर पर उसे रास्ते में रोक लिया।
मंजू गोप के मुताबिक, आरोपी ने अचानक उसका गला पकड़ लिया और उसे जमीन पर पटक दिया। इसके बाद उसने गला दबाकर उसकी हत्या करने की कोशिश की। अचानक हुए हमले से महिला घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत जुटाकर आरोपी का विरोध किया।
महिला ने बताया कि काफी देर तक संघर्ष करने के बाद वह आरोपी के चंगुल से निकलने में कामयाब रही और वहां से भागकर अपनी जान बचाई। गला दबाए जाने के कारण उसकी गर्दन पर गहरे जख्म और चोट के निशान बताए जा रहे हैं।
मुखिया के पास पहुंचकर सुनाई आपबीती
घटना के बाद डरी-सहमी महिला सीधे गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल के पास पहुंची। वहां उसने पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़िता का आरोप है कि राम गोप उर्फ जंतु गोप लंबे समय से उसे डायन कहकर प्रताड़ित करता रहा है और इसी अंधविश्वास के चलते उस पर हमला किया गया।
मुखिया को घटना की जानकारी देने के बाद मामले की सूचना स्थानीय लोगों को भी दी गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिली।
पुलिस में शिकायत की तैयारी, कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ छोटानागरा थाना में नामजद शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना ने सारंडा क्षेत्र में अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला के लगाए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।