Ranchi News: अरगोड़ा निवासी विजय कुमार साहू के घर 28 अगस्त की रात खूंटी पुलिस के पहुंचने के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले पर जवाब देने की मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि परिवार के मुताबिक विजय साहू के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं है और न ही पुलिस के पास कोई सर्च वारंट था। इसके बावजूद पुलिस टीम रात करीब 1 बजे उनके घर पहुंची और दरवाजा पीटकर अंदर जाने का प्रयास किया।
वीडियो का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल
मरांडी ने कहा कि सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मियों की ओर से दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने की बात कही जा रही है। उन्होंने परिवार के दावे का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार घटना के समय घर में महिलाएं मौजूद थीं, लेकिन पुलिस टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी शामिल नहीं थी।
उन्होंने इस कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को किसी भी व्यक्ति के घर में प्रवेश और तलाशी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
थाना प्रभारी पर परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने खूंटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह पर विजय साहू के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया। परिवार का आरोप है कि थाना प्रभारी नशे की हालत में थे और उन्होंने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि विजय साहू की पत्नी को जेल भेजने की धमकी दी गई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
मरांडी बोले:- कानून के दायरे में हो पुलिस कार्रवाई
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि यदि परिवार के दावे के अनुसार कोई FIR और सर्च वारंट नहीं था, तो रात में पुलिस का घर पहुंचना और दरवाजा पीटकर अंदर जाने का प्रयास करना क्या निर्धारित प्रक्रिया के तहत आता है।
उन्होंने कहा कि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस को खुद भी कानून और निर्धारित नियमों के दायरे में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए। मरांडी ने मांग की कि यदि जांच में परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।