Jairam Mahato Controversy: डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन और आमने-सामने आ गए हैं. बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है. पुलिस एसोसिएशन ने अब विधायक समेत मामले में नामजद अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है. इसके लिए प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. एसोसिएशन ने साफ कहा है कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर में विरोध शुरू किया जाएगा.
धनबाद में पुलिस एसोसिएशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस
मामले को लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धनबाद में प्रेस वार्ता की. प्रांतीय अध्यक्ष राहुल कुमार मुरमू ने संगठन का पक्ष रखा. प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित कुमार रजक और महामंत्री संजीव कुमार समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे. पुलिस एसोसिएशन ने इस पूरे मामले को पुलिसकर्मियों के सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर देखा है.
WhatsApp कॉल से शुरू हुआ विवाद
एसोसिएशन के मुताबिक, घटना की शुरुआत 21 अगस्त की रात हुई. आरोप है कि जयराम महतो ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार को WhatsApp कॉल किया था. बातचीत के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया. एसोसिएशन का दावा है कि थाना प्रभारी को नौकरी खराब करने की धमकी भी दी गई. ऑफ ड्यूटी रहने पर सबक सिखाने की बात कहे जाने का भी आरोप है.
समर्थकों के साथ थाना पहुंचने का आरोप
एसोसिएशन का कहना है कि फोन पर विवाद के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे. आरोप है कि थाना प्रभारी के कमरे में भी कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार किया गया. टेबल पर रखे सामान को इधर-उधर करने का आरोप लगाया गया है. नाम पट्टिका तोड़े जाने की बात भी एसोसिएशन ने कही है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.
पुलिस एसोसिएशन ने बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 का हवाला दिया है. संगठन ने इस मामले में विधायक जयराम कुमार महतो समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. एसोसिएशन ने कार्रवाई के लिए पांच दिन का समय तय किया है.
कार्रवाई नहीं हुई तो काला बिल्ला और आंदोलन
पुलिस एसोसिएशन ने कहा है कि मांग पूरी नहीं होने पर विरोध का रास्ता अपनाया जाएगा. पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की बात भी कही गई है.
फिलहाल जयराम कुमार महतो या उनके पक्ष की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पुलिस एसोसिएशन द्वारा लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.