Jharkhand News: झारखंड में वाहनों के डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ी एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। भारत सरकार के VAHAN पोर्टल पर राज्य की 35,367 गाड़ियों के डुप्लिकेट रिकॉर्ड दर्ज पाए गए हैं। रिकॉर्ड में इस तरह की दोहराव वाली प्रविष्टियों के कारण वाहन मालिकों को ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है। अब परिवहन विभाग ने जिलों को रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया है।
34 हजार से अधिक रिकॉर्ड अंतर्राज्यीय डुप्लिकेट
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के VAHAN पोर्टल पर देशभर में पंजीकृत वाहनों का डिजिटल डेटाबेस उपलब्ध है। राज्यों के जिला परिवहन कार्यालयों द्वारा वाहनों से संबंधित विवरण इस पोर्टल पर दर्ज किए जाते हैं।
झारखंड में डेटा अपलोड करने के दौरान हुई त्रुटियों के चलते कुछ वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर और इंजन नंबर दोबारा दर्ज हो गया। केंद्रीय स्तर पर रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान कुल 35,367 डुप्लिकेट प्रविष्टियां सामने आईं। इनमें 34,124 रिकॉर्ड अंतर्राज्यीय डुप्लिकेट के तौर पर चिन्हित किए गए हैं। वहीं, 1,243 रिकॉर्ड झारखंड के भीतर पंजीकृत वाहनों से संबंधित हैं।
राज्य में 75 लाख से अधिक वाहनों का रिकॉर्ड उपलब्ध
VAHAN पोर्टल पर झारखंड के कुल 75 लाख 12 हजार 308 वाहनों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की समीक्षा के दौरान डुप्लिकेट रिकॉर्ड की पहचान होने के बाद राज्य को इन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय मंत्रालय के निर्देश के बाद झारखंड परिवहन विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और जिला परिवहन पदाधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर डुप्लिकेट प्रविष्टियों को ठीक करने के लिए कहा गया है।
ऑनलाइन वाहन सेवाओं पर पड़ सकता है असर
एक ही वाहन का रिकॉर्ड एक से अधिक बार दर्ज होने से वाहन मालिकों को ऑनलाइन वाहन संबंधी सेवाओं का लाभ लेने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में परिवहन विभाग अब जिला स्तर पर रिकॉर्ड का सत्यापन कर उसमें जरूरी सुधार कराने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
विभाग का उद्देश्य VAHAN पोर्टल पर दर्ज वाहनों के रिकॉर्ड को सही और अपडेटेड रखना है, ताकि वाहन मालिकों को डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी न हो।