Jharkhand Recruitment Controversy: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विवाद जारी है. एक तरफ JSSC-CGL परीक्षा 2023 में कथित धांधली की जांच चल रही है. वहीं दूसरी तरफ 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.
JSSC-CGL मामले में CID ने मांगे सबूत
JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी की जांच CID की SIT कर रही है. SIT ने परीक्षार्थियों और आम लोगों से मदद मांगी है. जांच टीम ने कहा है कि परीक्षा से जुड़ी कोई भी जानकारी या सबूत साझा किए जा सकते हैं. लोग दस्तावेज, ऑडियो, वीडियो या चैट जैसे सबूत भी दे सकते हैं. जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखने की बात CID ने कही है. इसके लिए फोन/WhatsApp नंबर 9771432118 जारी किया गया है. ईमेल के जरिए भी जानकारी दी जा सकती है. ईमेल आईडी cglinfo@jhpolice.gov.in है.
37 संदिग्धों से की जा रही पूछताछ
CID की जांच में अब तक 37 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है. हाल ही में JPSC परीक्षा मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी से भी पूछताछ हुई है. जांच में सामने आया है कि अभय तिवारी और उसकी पत्नी दोनों JSSC-CGL परीक्षा में सफल हुए थे. अभय के कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की भी बात सामने आई है. अब CID यह पता लगाने में जुटी है कि उसने इन परीक्षाओं में सफलता कैसे हासिल की. पहले पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण मामला कोर्ट में आगे नहीं बढ़ सका था. अब अभ्यर्थियों की मांग और सरकार के नए निर्देश के बाद जांच फिर तेज की गई है.
14वीं JPSC परीक्षा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
वहीं 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने याचिका दायर की है. याचिका अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दाखिल की गई है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 24 अगस्त को सुनवाई होगी. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जायमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मामले की सुनवाई करेगी. अब छात्रों और अभ्यर्थियों की नजर 24 अगस्त की सुनवाई पर है.