Jharkhand News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बुधवार को झारखंड भाजपा के शीर्ष नेताओं ने मुलाकात की. इस बैठक को झारखंड की राजनीति, हेमंत सोरेन सरकार, छात्र आंदोलन और भाजपा संगठन की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
इस बैठक की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि संभवतः पहली बार झारखंड के चार पूर्व मुख्यमंत्री एक साथ अमित शाह से मिलने पहुंचे. इससे पहले ऐसी संयुक्त बैठक देखने को नहीं मिली थी.
बैठक में कौन-कौन नेता रहे मौजूद
भाजपा प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपई सोरेन शामिल रहे.
इसके अलावा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और प्रोफेसर रविंद्र राय भी बैठक में मौजूद थे.
रघुवर दास और चंपई सोरेन की एक साथ मौजूदगी को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.
अमित शाह के बुलावे पर पहुंचे दिल्ली
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक अमित शाह के बुलावे पर आयोजित हुई थी. भाजपा के सभी प्रमुख नेताओं को दिल्ली बुलाकर संगठन की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई.
बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों में बंटे नेताओं को एकजुट करने पर विशेष जोर दिया गया. संदेश साफ था कि सभी नेता मिलकर काम करेंगे तभी झारखंड में भाजपा मजबूत होगी और हेमंत सोरेन सरकार को प्रभावी चुनौती दे सकेगी.
छात्र आंदोलन और भर्ती घोटाले पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए छात्र आंदोलन पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
भाजपा नेताओं ने गृह मंत्री को कथित भर्ती घोटाले और परीक्षा अनियमितताओं की पूरी जानकारी दी. साथ ही मामले की CBI जांच की मांग पर भी बातचीत हुई.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने छात्र आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन देने की बात भी बैठक में रखी.
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा खनिज संपदा पर सेस की राशि को लेकर केंद्र के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी का मुद्दा भी उठा. नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि यदि राज्य सरकार केंद्र के खिलाफ आंदोलन शुरू करती है, तो उसका राजनीतिक असर क्या हो सकता है.