Jharkhand SLBC Report: झारखंड ने संसदीय और वित्तीय व्यवस्था में एक नई मिसाल कायम की है. राज्य देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां विधानसभा में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की आधिकारिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई. इस पहल के साथ बैंकिंग व्यवस्था को सीधे विधानसभा की निगरानी से जोड़ दिया गया है, जिससे वित्तीय योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
विधानसभा के जरिए होगी बैंकिंग योजनाओं की निगरानी
मानसून सत्र के दौरान वित्त मंत्री ने सदन में SLBC रिपोर्ट पेश की. इसके बाद अब सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की बैंकिंग स्थिति, ऋण वितरण, सरकारी योजनाओं की प्रगति और वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी. इससे जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र से जुड़े वित्तीय मुद्दों पर प्रभावी ढंग से निगरानी और सवाल उठा सकेंगे. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और अधिक से अधिक लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंच सकेंगी.
क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो में दर्ज हुई बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो वर्ष 2024 के 50.2 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2026 में 54.97 प्रतिशत हो गया है. इसे राज्य की बैंकिंग गतिविधियों में सुधार और विकास कार्यों में बैंकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत माना जा रहा है.
1.73 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना
राज्य की वार्षिक ऋण योजना के तहत 1.73 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के बैंकों में कुल 44,979 करोड़ रुपये की जमा राशि है, जबकि विभिन्न क्षेत्रों में 22,613 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है.
गुरुजी क्रेडिट कार्ड से विद्यार्थियों को मिला सहारा
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब तक 330 विद्यार्थियों को लगभग 27 करोड़ रुपये का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया गया है. सरकार का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिल रही है.
किसान क्रेडिट कार्ड योजना से 13.58 लाख किसानों को लाभ
रिपोर्ट के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत राज्य के 13.58 लाख किसानों को लाभ मिला है. खेती और कृषि गतिविधियों के लिए अब तक 9,240 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है.
स्वयं सहायता समूहों को मिला 7,700 करोड़ रुपये का ऋण
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को भी बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 61 हजार महिलाओं और लाभुकों को कुल 7,700 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है.
MSME सेक्टर को मिला 52,885 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए बैंकों ने 52,885 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है. इसका उद्देश्य उद्योगों का विस्तार, नए उद्यमों की स्थापना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है.
प्राथमिकता और गैर-प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण वितरण
रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिकता क्षेत्र जैसे कृषि, ग्रामीण विकास और कमजोर वर्गों के लिए 8,845 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है. वहीं व्यापार, वाणिज्य और अन्य गैर-प्राथमिकता क्षेत्रों में 93,862 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है.