Sunil Mahto Murder Case : करीब 19 साल पुराने झामुमो के तत्कालीन सांसद सुनील महतो हत्याकांड में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सरायकेला-खरसावां से गिरफ्तार 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली मदन महतो से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के कई पुराने राज खुल सकते हैं।
हमले में मौजूद था मदन, फरारी में निभाई अहम भूमिका
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि 4 मार्च 2007 को घाटशिला के बाघुड़िया फुटबॉल मैदान में हुए हमले के दौरान मदन महतो घटनास्थल पर मौजूद था। वह कथित तौर पर नक्सली दस्ते के साथ सक्रिय भूमिका में था और हमले के बाद साथियों को सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी निभा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने राहुल उर्फ रंजीत पाल, असीम मंडल उर्फ आकाश, बेला, शंकुतला, रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन समेत अन्य नक्सलियों को घटनास्थल तक पहुंचाने और वारदात के बाद सुरक्षित रास्ते से सीमा पार कराने में भूमिका निभाई थी।
करीब दो दशक पुराने इस मामले में हुई गिरफ्तारी को जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब मदन महतो के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
पुराने सुरागों की दोबारा जांच, कई नाम फिर रडार पर
4 मार्च 2007 को हुए इस हमले में तत्कालीन सांसद सुनील महतो समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई थी और हमलावर हथियार लूटकर फरार हो गए थे। अब मदन महतो से मिली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियां पुराने सुरागों की दोबारा पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से लंबे समय से लंबित कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं और मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी।