JPSC CID Investigation: 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रही है. सीआईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के हथबोर गांव में छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान अभय तिवारी के ससुर और सरकारी शिक्षक विकास पांडेय को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई.
सूत्रों के अनुसार, विकास पांडेय से पूछताछ के दौरान अभय तिवारी के ससुराल पक्ष और उनके साले से संबंधित कई अहम जानकारियां एजेंसी के हाथ लगी हैं. इन इनपुट के बाद सीआईडी ने पूरे परिवार की आर्थिक गतिविधियों, निवेश और संपत्तियों की अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू कर दी है.
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि अभय तिवारी ने करोड़ों रुपये की संपत्ति किस आधार पर अर्जित की. जांच के दायरे में देवघर में निर्माणाधीन अस्पताल, रांची में खरीदी गई जमीन, तीन फ्लैट और अन्य अचल संपत्तियां भी शामिल हैं. इन सभी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, भुगतान का तरीका, निवेश का स्रोत और पैसों के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है.
सीआईडी यह भी खंगाल रही है कि अस्पताल निर्माण और अन्य संपत्तियों पर खर्च की गई रकम आखिर कहां से आई. एजेंसी बैंकिंग रिकॉर्ड, निवेश के दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी है, ताकि धन के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके.
जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि यदि जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति, संदिग्ध निवेश या अवैध वित्तीय लेनदेन के प्रमाण सामने आते हैं, तो इस मामले में कई और लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई संभव है.
हालांकि, सीआईडी ने अब तक इस पूरी कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.