Vinay Chaubey Bail Conditions: हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में करीब एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उन्हें नियमित जमानत प्रदान कर दी है. हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जमानत की सभी शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा. यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो अभियोजन पक्ष को उनकी जमानत रद्द कराने के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने छह पन्नों के आदेश में तय कीं शर्तें
विनय चौबे की जमानत याचिका पर न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई की थी. सुनवाई के बाद गुरुवार को छह पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया गया. अदालत ने निर्देश दिया कि विनय चौबे को ट्रायल कोर्ट यानी एसीबी कोर्ट द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा.
साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब तक ट्रायल कोर्ट विशेष छूट नहीं देता, तब तक विनय चौबे को हर सुनवाई की तारीख पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहना होगा.
जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने को माना आधार
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. अदालत ने यह भी माना कि इसी मामले के एक सह-आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है. समानता के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए विनय चौबे को भी नियमित जमानत देने का फैसला लिया गया.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है तो एसीबी को बेल रद्द कराने के लिए सक्षम अदालत में आवेदन करने की पूरी स्वतंत्रता होगी.
हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में हैं आरोपी
विनय चौबे को यह राहत हजारीबाग जिले से जुड़े चर्चित भूमि घोटाला मामले में मिली है. इस प्रकरण में एसीबी ने वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच एजेंसी ने इस मामले में विनय चौबे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है.
आरोपियों में उनके करीबी विनय सिंह, स्निग्धा सिंह, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह सहित कुल 73 लोगों के नाम शामिल हैं. मामले की जांच और ट्रायल की प्रक्रिया फिलहाल जारी है.