Jharkhand High Court: झारखंड में सब इंस्पेक्टरों की वरीयता सूची को लेकर चल रहे विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. अदालत ने गृह सचिव को आदेश दिया कि सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा (Limited Departmental Examination) के माध्यम से नियुक्त सभी सब इंस्पेक्टरों को नोटिस जारी कर इस मामले की जानकारी दी जाए. यदि वे इस याचिका में अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो उन्हें सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाए.
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली और अंतिम सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख निर्धारित की है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने अदालत में अपना पक्ष रखा.
विवाद वर्ष 2019 में हुई सब इंस्पेक्टर नियुक्तियों से जुड़ा है. उस समय एक ओर प्रत्यक्ष भर्ती (Direct Recruitment) के जरिए अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी, जबकि दूसरी ओर सीमित विभागीय परीक्षा के माध्यम से भी पुलिसकर्मियों को सब इंस्पेक्टर बनाया गया था.
रिकॉर्ड के अनुसार, प्रत्यक्ष भर्ती से चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण वर्ष 2021 में पूरा हो गया था. प्रशिक्षण पहले समाप्त होने के कारण उन्हें शुरुआती वरीयता सूची में प्राथमिकता दी गई थी.
बाद में सीमित विभागीय परीक्षा से चयनित कर्मियों का प्रशिक्षण सितंबर 2024 में पूरा हुआ. इसके बाद विभाग ने नई वरीयता सूची जारी की, जिसमें नियुक्ति की तिथि को आधार बनाते हुए विभागीय परीक्षा से नियुक्त सब इंस्पेक्टरों को प्रत्यक्ष भर्ती से आए अधिकारियों से ऊपर स्थान दिया गया. इसी संशोधित वरीयता सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है.